चैत्र नवरात्र की सप्तमी पर मां कालरात्रि को लगाएं मालपुआ का भोग, जानें रेसिपी

सामग्री
मैदा- 1 कप
खोया (मावा)- ½ कप (कद्दूकस किया हुआ)
दूध- 1.5 से 2 कप
सौंफ- 1 छोटा चम्मच (दरदरी कुटी हुई)
इलायची पाउडर- ½ छोटा चम्मच
चीनी- 1.5 कप (चाशनी के लिए)
पानी- 1 कप
केसर के धागे- 7-8
घी या तेल- तलने के लिए
कटे हुए मेवे- बादाम और पिस्ता

बनाने की विधि
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मैदा और कद्दूकस किया हुआ मावा डालें। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा दूध डालते हुए एक चिकना घोल तैयार करें। ध्यान रहे कि घोल में गुठलियां न रहें।
अब इसमें कुटी हुई सौंफ और थोड़ा सा इलायची पाउडर मिलाएं। घोल न तो बहुत गाढ़ा होना चाहिए और न ही बहुत पतला। फिर इसे ढककर कम से कम 20-30 मिनट के लिए रख दें, ताकि मैदा अच्छी तरह फूल जाए।
अब एक पैन में चीनी और पानी डालें। इसे मध्यम आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि चीनी पूरी तरह घुल न जाए। इसमें केसर के धागे और बचा हुआ इलायची पाउडर डालें। हमें एक तार की चाशनी नहीं चाहिए, बस चाशनी थोड़ी चिपचिपी होनी चाहिए। चाशनी तैयार होने पर गैस बंद कर दें।
अब एक चौड़े तले वाली कड़ाही में घी गरम करें। जब घी मध्यम गरम हो जाए, तब एक बड़े चम्मच में घोल लेकर कड़ाही के बीच में डालें। घोल अपने आप फैलकर गोल आकार ले लेगा। आंच को मध्यम रखें और मालपुआ को दोनों तरफ से सुनहरा भूरा होने तक तलें।
तले हुए मालपुआ को घी से निकालकर सीधे गुनगुनी चाशनी में डाल दें। इन्हें करीब 2-3 मिनट तक चाशनी में डूबा रहने दें ताकि ये अंदर तक रस सोख लें। इसके बाद इन्हें बाहर निकाल लें।

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