चंडीगढ़ः इटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए अभी तक किसी एयर कंपनी ने नहीं किया आवेदन

चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 24 घंटे फ्लाइट्स का ऑपरेशन शुरू हो गया है, लेकिन अब तक नई इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए किसी भी एयरलाइंस ने आवेदन नहीं दिया है। इसकी मुख्य वजह कैट थ्री और वे की कमी बताई जा रही है। इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में किया था।

4 साल बाद भी सिर्फ दो एयरलाइंस चंडीगढ़ से महज दो देशों के लिए इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन कर रही हैं। वहीं घरेलू फ्लाइटों की संख्या में भी इजाफा नहीं हो रहा है। अगर कुल फ्लाइट्स की संख्या की बात करें तो चंडीगढ़ से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मिलाकर महज 28 फ्लाइट्स हैं। वहीं, दिल्ली में मौसम खराब होने पर अब भी चंडीगढ़ नहीं बल्कि अमृतसर फ्लाइट्स डायवर्ट होती हैं।

आठ में से महज दो से तीन वे वर्किंग कंडीशन में

चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आठ वे हैं, जिनमें करीब दो से तीन पर ही हवाई जहाजों को खड़ा किया जाता है। बाकी में टनल नहीं लगती। यात्रियों को पैदल चलकर अपनी फ्लाई तक जाना पड़ता है। वहीं सबसे ज्यादा इंडिगो और गो एयर का दबदबा है। इन एयरलाइंस की करीब पचास फीसदी फ्लाइट्स चंडीगढ़ से संचालित होती हैं, इसलिए सबसे ज्यादा वे इन एयरलाइंस को मिलता है। इसके अलावा एयर इंडिया सरकारी एजेंसी है, तो इन्हें मना नहीं कर सकते। बता दें कि करीब 10 फ्लाइट्स इंडिगो, पांच एयर इंडिया व चार गो एयर की व एक विस्तारा व एक एयर एशिया की है। दरअसल चैल की ओर से पांच एक्सट्रा वे निर्माण किया जाना था, लेकिन अब तक इन पर काम शुरू नहीं किया गया है।

दूसरे शहरों के लिए स्पाइसजेट ने लगाईं फ्लाइट्स, चंडीगढ़ के लिए आगे नहीं आईं
अभी हाल ही में स्पाइस जेट ने नई दिल्ली और मुंबई से 12 नई उड़ानों की शुरुआत की है। इनमें छह उड़ानें मुंबई और बाकी दिल्ली के लिए हैं, लेकिन चंडीगढ़ की तरफ एयर लाइंस ने रुख नहीं किया। एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि जब चंडीगढ़ से दिल्ली और मुंबई के लिए स्पाइस जेट की फ्लाइटों का संचालन किया जाता था, तब वे चक्कर में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, जिसके चलते धीरे-धीरे कंपनी ने अपनी फ्लाइटों को चंडीगढ़ से हटा लिया।

कैट-3बी विंटर शेड्यूल तक लगेगा

खराब मौसम और पुअर विजिबिलिटी में फ्लाइट ऑपरेशन के लिए विंटर शेड्यूल तक कैट-3बी इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम लग जाएगा। कैट-3 बी आई एलएस लगने से 100 से 150 मीटर की विजिबिलिटी पर फ्लाइट ऑपरेट हो सकेगी।

विंटर में कनाडा और यूके की फ्लाइट चलने की संभावना
एयरपोर्ट के अधिकारियों का कहना है कि टूअर एंड ट्रेवल एजेंसीस और चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की ओर से करवाए गए एक सर्वे में कनाडा, यूके और ऑस्ट्रेलिया की मांग है। सबसे ज्यादा मांग कनाडा की है। विंटर सेशन तक कनाडा फ्लाइट चलने की संभावना है।

हमारे पास अमेरिका, यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, चीन या फिर कोरिया या किसी अन्य देश के कनेक्टिंग के लिए किसी भी एयरलाइंस से आवेदन नहीं आया है। वहीं कैट आईएलएस-3 सितंबर और अक्तूबर तक लग जाएगा।

Back to top button