घरवाले जबरदस्ती करा रहे थे शादी, लड़की ने उठाया ये… खौफनाक कदम

दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली के रोहिणी इलाके से एक 16 वर्ष की बच्ची का बाल विवाह रुकवाया है. आयोग की 181 हेल्पलाइन पर पीड़िता ने खुद फोन करके बताया कि उसके घरवाले उसकी मर्जी के बिना जबरन उसकी शादी करा रहे हैं.

पीड़िता ने महिला आयोग को जानकारी दी थी कि 5 दिन पहले ही उसका रिश्ता तय हुआ है. लड़की ने कभी उस लड़के को नहीं देखा है, न ही उसके बारे में कोई जानकारी रखती है. शिकायत मिलने के बाद दिल्ली महिला आयोग की टीम पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंची.

महिला आयोग की टीम ने देखा कि घर के बाहर टेंट लगा हुआ था. आसपास के घरों से पता करने पर यह जानकारी मिली कि लड़की नाबालिग है और उसकी हल्दी की रस्म है. लड़की की शादी 22 जून को होने वाली थी. अब गुरुवार को पूरी घटना की जानकारी सामने आई है.

मिली जानकारी के मुताबिक टीम पीड़िता के घर पहुंची और रस्म को रोक दिया. पीड़िता के जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी जब मांगी गई तो घरवाले दस्तावेज नहीं दिखा पाए. जांच के बाद पता चला कि लड़की 2004 में पैदा हुई है. लड़की ने आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. लड़की के माता-पिता चाहते थे कि अपने सामने ही लड़की की शादी देख लें, इसलिए शादी करा रहे थे.

टीम ने केस की सूचना चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और एसडीएम कार्यालय में जानकारी दी. स्थानीय एसएचओ की मौजूदगी में लड़की के पिता ने आश्वासन दिया कि बालिग होने तक उस पर कोई दबाव नहीं बनवाएंगे. पीड़िता की काउंसलिंग की गई उसके बाद मामले में डीडी एंट्री दर्ज कर ली गई है. एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया में है.

दिल्ली महिला आयोग अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, ‘दिल्ली महिला आयोग की 181 हेल्पलाइन कोरोना महामारी के दौरान भी मुस्तैदी से दिन रात काम कर रही है. जिस प्रकार बाल विवाह करवाकर छोटी उम्र में लड़कियों से उनका बचपन छीना जाता है, ये बहुत ही गलत है. टीम द्वारा समय रहते केस में एक्शन लिया गया और बच्ची का विवाह होने से रोका गया, हम चाहते हैं इस मामले में एफआईआर दर्ज हो और कड़ी कार्रवाई की जाए.’

Back to top button