गोवा में सिर्फ बीच ही नहीं बल्‍क‍ि इस खूबसूरत शांत इलाके को भी घूमें, आएगा मजा

पोर्तुगीज शैली के घर
भारत के पयर्टन स्‍थलों में एक गोवा प्रमुख स्‍थान पर है। गोवा अपने खूबसूरत समुद्र तटों, चर्चों, मंदिरों जैसी कई खूबसूरत जगहों के ल‍िए जाना जाता है। बड़ी संख्‍या में यहां आने वाले पयर्टक भी बस इन्‍हीं जगहों को ही जानते हैं।

गोवा में सिर्फ बीच ही नहीं बल्‍क‍ि इस खूबसूरत शांत इलाके को भी घूमें, आएगा मजा

जबकि‍ इसी राज्‍य में सीक्रेट गोवन व‍िलेज भी है। ये गांव बेहद खूबसूरत है। यह यहां के मुख्‍य पयर्टन स्‍थलों में माना जाता है। बावजूद इसके यह गांव टूर‍िस्‍ट के बीच इतना पॉपुलर नही है। गोवा गांव में पोर्तुगीज शैली के विशालकाय घर बने हैं। हालांक‍ि इन व‍िशाल घरों की खास‍ियत यह है कि‍ इनमें सिर्फ या एक या दो लोग ही रह सकते हैं। 

 
 

रेतभरी सड़के हैं शानदार

यहां पर लोग रेंट पर इन घरों को लेकर रहते हैं। इसके अलावा बहुत से लोग अपने घरों को एयरबनब जैसी वेबसाइटों पर कि‍राए पर उठा देते हैं क्‍योंक‍ि गोवा की काफी जनसंख्‍या व‍िदेश में रहती है। ऐसे में ज‍िन लोगों का गोवा दोबारा लौटने का प्‍लान नहीं होता है तो वे अपने घरों को यहां रहने वाले व‍िदेश‍ियों को बेच देते हैं। यह गांव इतना खूबसूरत है क‍ि एक बार अगर यहां पर रह गए तो वापस जाने का मन नहीं करेगा। यहां पर सुबह काफी जल्‍दी शुरू होती है। यहां पर रात भी जल्‍दी होती है। इसके अलावा यहां की सड़के रेत से भरी हैं। 

 

रात के समय शहर घूमें

ऐसे अगर आपको देर रात तक जगने और घूमने की आदत है तो आप इसके सबसे पास के शहर में जाकर अपना समय व्‍यतीत कर सकते हैं। हालांकि‍ इसके लि‍ए आपके पास खुद का वाहन होना जरूरी है। यहां के पास के शहर में ड्राइव करके जाने में एक घंटे से ज्‍यादा का समय नहीं लगता है। हालांक‍ि गोवा में गांवों को शहरों से जोड़ने के लि‍ए बस आद‍ि की सेवाओं से जोड़ा गया है लेक‍िन बस वह शाम तक ही रहती हैं। वहीं अगर यहां पर खाने पीने की व्‍यवस्‍था देखी जाए तो यहां का स्‍थानीय खाना काफी मजेदार है। यहां पर द‍िन चढ़ने पर पारंपरिक बेकर रोटी लेकर आते हैं। 

 

छोटे-छोटे सेल‍िंग फूड सेंटर

वे काफी तेजी से आवाज लगाकर ब्रेड आद‍ि बेचते हैं। जि‍नकी आवाज को सुनकर लोग उठ कर उनके पास जाते हैं। इस दौरान लोग उनसे ब्रेड आद‍ि लेते है। यहां पर ब्रेड भी पुर्तगाली स्‍टाइल में ही मि‍लती हैं। गोवा के गांवो में छोटे-छोटे सेल‍िंग फूड सेंटर बने हैं। हालांक‍ि इनमें छोटी जगह होने से काफी भीड़ हो जाती है। इसल‍िए अगर आपको यहां जाकर नाश्‍ता करना है तो इसके ल‍िए सुबह जल्‍दी उठकर यहां पर पंहुचना होता है। वहीं इसके अलावा लोकल रेस्‍टोरेंट आद‍ि में खाने क‍े ल‍िए जाया जा सकता है। यहां पर स्‍थानीय म‍िठाई, डीप फ्राइड ब्रेड आद‍ि म‍िलती है। 

 

बैकवाटरों का विशाल नेटवर्क

गोवा में कई गांवों के आपस में जुड़े होने की वजह से यहां पर बैकवाटरों का विशाल नेटवर्क भी है। हालांक‍ि इसे इतना बढ़ावा नही मि‍ला है। ज‍ितना फोकस यहां के बीच पर क‍िया गया है।  मत्स्य पालन गोवा में एक प्रमुख उद्योग है। केरल की तरह यहां के बैकवाटरों में बड़ी संख्‍या में मछल‍ियां पाई जाती हैं। यहां के बैकवाटर के किनारों पर मछली पकड़ने का एक अलग ही मजा है। बैकवॉटर के कि‍नारों पर द‍िन में बैठने पर एक अलग तरह के ठंडेपन का अहसास होता है। वहीं शाम के समय यहां पर ग्रामीणों से चाइनीज जाल से कैसे मछली पकड़ते यह अच्‍छे से सीख सकते हैं। 


फरवरी से मई के बीच में

वहीं गोवा के इन गावों में बाजार भी लगती है। ज‍िनमें लोगों ताजी सब्‍जि‍यां और मछल‍ियां आद‍ि म‍िलती है। यह बाजार हर शुक्रवार को लगते हैं। वहीं मानसून के दौरान शुष्क मछली, सूखे मिर्च और व‍िभ‍िन्‍न कि‍स्‍म के आमों को खरीद सकते हैं। ऐसे में अगर आप फरवरी से मई के बीच गोवा जाने का प्‍लान कर रहे हैं तो इस शांत गांव को घूमने का मौका न गवाएं। गोवा में काफी खूबसूरत जंगल हैं। ये जंगल यहां के गावों को एक पर‍िध‍ि की तर्ज पर घेरे हुए हैं। यहां पर बड़ी संख्‍या में काजू के पेड़ पाए जाते हैं। जि‍नसे इनमें घूमना काफी अच्‍छा लगता है। यहां की यादों को भुलाना मुश्‍क‍िल है। 

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