गुलाबी होगा महिलाओं की सेफ्टी का रंग

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में महिलाओं की सेफ्टी का रंग पिंक यानी गुलाबी रंग निर्धारित किया गया है। इसके लिए सरकार 100 करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च करेगी। महिलाओं के रजिस्ट्रेशन के लिए लगभग 90 करोड़ की लागत से आधुनिक कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।
जबकि बाकी की रकम से 100 पिंक पुलिस आउटपोस्ट, महिला पुलिसकर्मियों के लिए 100 पिंक स्कूटी और 50 पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे। बता दें, यह रकम निर्भया कोष के तहत मंजूर हुए 194.44 करोड़ रुपये में से खर्च की जाएगी।
 
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कंट्रोल रूम आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस से होगा लैस
करीब 90 करोड़ की लागत से बनने वाला कंट्रोल रूम आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से लैस होगा। इसके लिए ऐसे सभी जगहों पर जहां महिलाओं-लड़कियों का सबसे ज्यादा आना-जाना है, स्कूल, मॉल्स, बाजार पर आधुनिकतम सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जिनमें ऑटो रिकग्निशन सिस्टम होगा। लखनऊ सेफ सिटी के लिए प्रस्ताव तैयार करने वाली एडीजी वीमेन पावर लाइन अंजू गुप्ता ने बताया कि यह कंट्रोल रूम यूपी 100 से अलग होगा। इसमें आधुनिकतम कैमरे और सोशल मीडिया, ऑडियो विडियो एनालिसिस सिस्टम लगेगा। इसके अलावा पुलिस और पब्लिक के लिए ऐप होंगे जो कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे।
इसके अलावा 100 सबसे व्यस्त सार्वजनिक स्थानों पर पिंक आउटपोस्ट बनाए जाएंगे जहां सिर्फ महिला पुलिसकर्मी ही तैनात की जाएंगी। यहां महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करवाने और मदद मांगने जा सकेंगी। लड़कियों के स्कूल, बाजार, मॉल्स के आसपास 100 पिंक स्कूटी सवार महिला पुलिस की गश्त टीमें होंगी। जो सड़क पर नजर रखेंगी कि महिलाओं के साथ अभद्रता न हो। इसके अलावा 43 थानों और लखनऊ के सभी एसपी के दफ्तरों पर महिलाओं के लिए अलग से हेल्प डेस्क बनाई जाएंगी। जहां महिला पुलिसकर्मी महिलाओं की समस्या सुनने के लिए मौजूद रहेंगी। नगर निगम शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर करीब ढाई करोड़ की लागत से 50 पिंक टॉयलेट बनवाएगा।
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हॉट स्पॉट पर की जाएगी स्पेशल लाइटिंग
राजधानी के ऐसी सभी जगहों, जहां अक्सर महिलाओं व लड़कियों के साथ छेड़छाड़, चेन स्नेचिंग व लूट की घटनाएं होती हैं, उन्हें चिह्नित कर वहां स्पेशल लाइटिंग करवाई जाएगी। ताकि वहां पुलिस की विशेष गश्त हो सके और अंधेरे के चलते घटनाएं न हों।
250 सिटी बसों में लगेंगे कैमरे, जीपीएस व पैनिक बटन
सेफ सिटी प्रॉजेक्ट के तहत शहर में चलने वाली करीब 250 सिटी बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन व जीपीएस लगाया जाएगा। ये तीनों चीजें इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से जुड़ी होंगी। कहीं भी मुसीबत आने पर महिला इनके जरिए सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकेगी। इसके अलावा शहर में मौजूद आशा ज्योति केंद्र की क्षमता को भी दोगुना किया जाएगा।
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1090 की क्षमता होगी दोगुनी
सेफ सिटी प्रॉजेक्ट के तहत 1090 की क्षमता को दोगुना किया जाएगा। फिलहाल वहां 80 सिस्टम के जरिए महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई और निपटारा हो रहा है। इन्हें बढ़ाकर 160 किया जाएगा। इसके अलावा 1090 व यूपी 100 को भी लिंक किया जाएगा, जिसके चलते जो शिकायत 1090 से जुड़ी होगी और यूपी 100 पर आती है वह अपने आप 1090 को ट्रांसफर हो जाएगी। हेल्पलाइन नंबर 112 को भी 1090 व यूपी 100 से जोड़ा जाएगा। 1090 की सायबर एनालिसिस विंग की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। उन्हें नए टूल्स, सॉफ्टवेयर व आउटसोर्सिंग के जरिए विशेषज्ञ उपलब्ध करवाए जाएंगे।
गृह मंत्री करेंगे उद्घाटन
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ के सांसद हैं। इसके चलते वह खुद लखनऊ में सेफ सिटी प्रॉजेक्ट का उद्‌घाटन करेंगे। हालांकि यह कब तक होगा यह अभी तय नहीं है। प्रमुख सचिव गृह को सेफ सिटी प्रॉजेक्ट का नोडल अफसर बनाया गया है। उनकी देखरेख में ही ये सारे काम होंगे।
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