गुरेज और सोनमर्ग की घाटियों में तैयार हो रही नई पीढ़ी के स्कीयर, दूरदराज के युवा भी बनेगे खिलाड़ी

गुलमर्ग की प्रसिद्ध ढलानों से आगे बढ़ते हुए युवा सेवाएं एवं खेल निदेशालय अब गुरेज और सोनमर्ग की प्राकृतिक, दूरस्थ घाटियों में नई पीढ़ी के स्कीयर तैयार कर रहा है। शीतकालीन खेलों के परिदृश्य को नया रूप देने के लिए जम्मू-कश्मीर के युवा सेवाएं एवं खेल निदेशालय (डीवाईएसएस) ने पहल शुरू की है।सरकारी स्कूलों के उन बच्चों तक विश्वस्तरीय स्कीइंग प्रशिक्षण पहुंचाया जा रहा है जिनके पास पहले ऐसे उच्च स्तरीय खेलों तक पहुंच नहीं थी।

1973 से युवा विकास के पांच दशकों के मजबूत इतिहास पर आधारित इस निदेशालय ने अपने प्रमुख शीतकालीन खेल कार्यक्रम का महत्वाकांक्षी विस्तार किया है। इस वर्ष तीन प्रमुख स्थानों विश्व प्रसिद्ध गुलमर्ग, मनोरम सोनमर्ग और बांदीपोरा जिले की बेहद दूरस्थ गुरेज घाटी पर एक साथ बेसिक स्कीइंग कोर्स चल रहे हैं।

निदेशक महानिदेशक युवा सेवा एवं खेल अनुराधा गुप्ता के समग्र मार्गदर्शन में निदेशालय ने कश्मीर संभाग में नए शीतकालीन खेल स्थलों की पहचान और विकास पर रणनीतिक बदलाव किया है। इसका उद्देश्य स्कीइंग को लोकतांत्रिक बनाना है ताकि प्रतिभा केवल शहरी या निजी स्कूलों से न आए बल्कि क्षेत्र के सबसे दूरस्थ कोनों से भी निकल सके। इसका लाभ युवाओं को मिल रहा है।

युवाओं में आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और नए अवसर पैदा कर रहे हैं :
डीजी वाईएसएस अनुराधा गुप्ता ने कहा, हमारा मिशन एक मजबूत और समावेशी शीतकालीन खेल संस्कृति का निर्माण करना है। गुरेज और सोनमर्ग तक स्कीइंग लेकर हम न केवल एथलीट तैयार कर रहे हैं बल्कि सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं में आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और नए अवसर पैदा कर रहे हैं। यह खेल को सामाजिक सशक्तीकरण और क्षेत्रीय विकास का माध्यम बना रहा है।

बर्फीले मैदान जीवंत प्रशिक्षण स्थल बने :
दूरस्थ गुरेज घाटी में 15 दिवसीय बेसिक स्की कोर्स जोर-शोर से चल रहा है। यहां बर्फीले मैदान जीवंत प्रशिक्षण स्थल बन गए हैं। निदेशालय के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की देखरेख में युवा प्रतिभागी बुनियादी तकनीक, सुरक्षा अभ्यास और बर्फ पर गतिशीलता सीख रहे हैं और उनकी प्रगति कार्यक्रम की सफलता को दर्शा रही है। इसी तरह सोनमर्ग में लड़कों के लिए बेसिक स्नो स्कीइंग कोर्स शुरू किया गया है जिसमें कश्मीर के 10 जिलों से 40 प्रतिभागी और 10 एस्कॉर्ट शिक्षक शामिल हैं।

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