गाजियाबाद : पुलिस कप्तान ने सुनीं कर्मियों की समस्‍याएं, निराकरण के लिए आज से ही शुरूआत

गाजियाबाद। अवसाद में आने के बाद पुलिस कर्मियो द्वारा की जा रही आत्महत्याओं की दर्जनों घटनाओं के बाद पुलिस विभाग पहली बार हरकत में आया है। गाजियाबाद के पुलिस कप्तान ने उत्तर प्रदेश में पहली बार पुलिस कार्मिक सम्मेलन आयोजन कर पुलिस कर्मियो की विभागीय समस्याओं के निराकरण के लिए आज से इसकी शुरूआत कर दी है।

इस सम्मेलन के जरिये पुलिस कप्तान और उसके अन्य सहयोगी अधिकारियो ने आज ढाई सौ से भी अधिक पुलिस कर्मियो की जन समस्याओ संबधी आवेदन पत्रो की सुनवाई की और इनमें से दो सौ आवेदन पत्रो का मौके पर ही निवारण कर दिया गया। इसके अलावा पचास ऐसे आवेदन पत्र थे जिनका सम्बन्ध उत्तर प्रदेश शासन के अधिकार क्षेत्र में आता है उन पर पुलिस कप्तान ने अपना कवरिंग लेटर लगाकर सकारात्मक कार्रवाई के लिए अग्रसारित कर दिया गया है।

इनमें से ज्यादातर समस्याये मसलन देहात क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में स्थान्तरित कराने, माता पिता बीमार है, उन्हें देखने के लिए छुटटी देने व बच्चे शहरी क्षेत्र में पढते है लेकिन डयूटी देहात क्षेत्र में हैजैसी प्रकृति से जुडी थी। दरअसल आम जनता की समस्याओ के निवारण के लिए पुलिस मुख्यालय पर सप्ताह में छः दिन जन सुनवाई का दरबार लगता है लेकिन पुलिस कर्मियो की विभागीय समस्याओ की सुनवाई के लिए आज पहली बार पुलिस मुख्यालय पर पुलिस कर्मियो के लिए पुलिस दरबार यानी पुलिस कार्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस एक ऐसा महकमा है जहां साप्ताहिक अवकाश नही होता ,पुलिस कर्मियो को घर जाने के लिए छुटटी आसानी से नही मिलती। दूर दराज के जनपदो में रह रहे मां बाप या बच्चे बेशक जानलेवा बीमारी से तडप रहे हो लेकिन निचले स्तर के पुलिस कर्मी जब भी अपने बडे अधिकारियो के पास छुटटी की अर्जी लेकर जाते थे तो उन्हे झडकी के अलावा कुछ नही मिलता था, नतीजतन पुलिस कर्मी अवसाद में आ जाता था और वह कोई न कोई जीवन लीला समाप्त करने जैसा कदम उठा लेता था। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस प्रकार का आयोजन यह पहला प्रयास है और इसके सार्थक परिणाम मिलेगे।

लोकसभा के आगामी सत्र में जनसंख्या बिल लाने की मांग

गाजियाबाद। राज्य सभा सदस्य अनिल अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर लोक सभा के आगामी सत्र में जनसंख्या नियत्रंण बिल पेश करने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री को लिखे गये पत्र में अनिल अग्रवाल ने कहा है कि जिस तेजी के साथ भारत की जनसंख्या बढ रही है ,हम बहुत जल्द चीन जैसे देश को पछाड देगे। चीन की जनसंख्या इस समय 142 करोड के लगभग है, जबकि भारत की जनसंख्या 130 करोड से उपर पहुच गयी है। किसी भी दिन भारत में जनसंख्या विस्फोट हो सकता है।

78वीं वर्षगांठ पर अगस्त क्रांति के सेनानियों को दी श्रद्धांजलि

गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में 9 अगस्त 1942 के बलिदानियों को ऑनलाइन श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी के आह्वान पर अंग्रेजों भारत छोड़ो व करो या मरो के संकल्प के साथ सम्पूर्ण स्वतंत्रता का आह्वान किया गया था।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि एक ओर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिंद फौज को नारा दिया था दिल्ली चलो और दूसरी ओर भारत छोड़ो आंदोलन की नींव डाली गई थी, जो देश की आजादी की लड़ाई में ब्रिटिश साम्राज्य के कफन में आखिरी कील साबित हुई।उस समय पूरा देश महात्मा गांधी के नेतृत्व में एक जुट हो गया था हजारों लोग शहीद हुए व गिरफ्तार हुए।सरकार को आंदोलन को दबाने में एक वर्ष का समय लग गया था। प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि आजादी की लड़ाई दो विचारधारों से लड़ी गई एक तरफ पं रामप्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में सशस्त्र संघर्ष था एक तरफ सत्याग्रह।

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