क्या है ‘माइथोस’? जिससे टेक की दुनिया में आया भूचाल

एंथ्रोपिक के नए AI मॉडल ‘माइथोस’ को लेकर टेक वर्ल्ड में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। जी हां, एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये मॉडल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के ट्रेडिशनल तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।

साथ ही ऐसा भी कहा जा रहा है कि आने वाले वक्त में इस सेक्टर में काम की जरूरत में करीब 20% तक की कमी देखने को मिल सकती है लेकिन इससे पहले चलिए जानते हैं कि ‘माइथोस’ क्या है…

क्या है ‘माइथोस’?

दरअसल ‘माइथोस’ एंथ्रोपिक का एक एडवांस्ड AI मॉडल है, जिसे खास तौर पर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को ऑटोमेट और फास्ट बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह ट्रेडिशनल AI टूल्स से अलग है।

पहले भी दी गई थी चेतावनी

हालांकि AI के इस बढ़ते प्रभाव को लेकर ये चिंता नई नहीं है। इससे पहले भी टेक इंडस्ट्री के दिग्गज इस बात की चेतावनी दे चुके हैं कि एडवांस्ड AI मॉडल्स लोगों के काम को तेजी से रिप्लेस कर सकते हैं। अब ‘माइथोस’ के सामने आने के बाद ये डर और बढ़ गया है।

माइथोस क्यों है खास?

इस एडवांस्ड AI मॉडल को इस महीने 7 अप्रैल को पेश किया गया है। ये मॉडल आम AI टूल्स से काफी ज्यादा पावरफुल बताया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह सिर्फ कोड लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आप पूरे सॉफ्टवेयर सिस्टम को समझकर उसे बेहतर तरीके से डिजाइन और खुद से टेस्ट कर सकते हैं।

क्या भारतीय IT सेक्टर पर भी पड़ेगा असर?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि माइथोस भारतीय आईटी कंपनियों के लिए चुनौती बन सकता है। इससे कोडिंग और मेंटेनेंस जैसे कामों में AI की भागीदारी बढ़ेगी। साथ ही कंपनियों की डिमांड घट सकती है और सालाना ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है।

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