क्या आपको पता है, GST लगने के बाद भी आपको देने पड़ेंगे ये तीन टैक्स

जीएसटी लागू होने के बाद एक देश एक टैक्स की कर प्रणाली के बावजूद आपको कुछ और टैक्स देने होंगे। जानिए कौन-कौन से?

जीएसटी लागू होने के बाद एक देश एक टैक्स की कर प्रणाली के बावजूद व्यापार पर कुछ और टैक्स देने होंगे। जीएसटी में राज्यों द्वारा वसूले जा रहे कुछ कर शामिल नहीं किए गए हैं।
आबकारी और पेट्रोलियम पदार्थों पर टैक्स की स्वतंत्रता के इतर भी तीन तरह के और टैक्स हैं, जो विद्यमान हैं। प्रदेश के आबकारी एवं कराधान विभाग में एंट्री टैक्स, पैसेंजर गुड्स टैक्स (पीजीटी) और सर्टन गुड्स कैरियर ऑन रोड (सीजीसीआर) मौजूद हैं।
पेट्रोलियम पदार्थों पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस पर राज्य सरकार अपने कर लगाएगी। शराब की बिक्री को भी जीएसटी से बाहर रखा है। ऐसे में पेट्रोल, डीजल और शराब पर हर राज्य में अलग-अलग दाम होंगे।
यह निर्णय राज्यों के राजस्व नुकसान में होने वाली हानि को रोकने के लिए जीएसटी काउंसिल ने लिए हैं। आबकारी और कराधान विभाग जीएसटी की वसूली के साथ तीन तरह के टैक्स और वसूल सकता है।
शराब बिक्री के अलावा सरकार के कुल राजस्व का पचास प्रतिशत इन्हीं करों से प्राप्त होता है। राज्य के बॉर्डर पर आने वाले अन्य राज्यों के वाहनों पर एंट्री टैक्स, माल ढुलाई पर लगने वाला टैक्स और पैसेंजर टैक्स जस का तस है। यह प्रावधान सभी राज्यों में प्रभावी है।
जीएसटी लागू होने से लगभग आधा दर्जन कर समाप्त हुए हैं। मनोरंजन कर, सर्विस चार्ज, वैट, लग्जरी टैक्स, समाप्त कर दिया गया है।
विभाग के मुताबिक एकल कर प्रणाली जीएसटी में यह तीनों टैक्स शामिल न करने का फैसला जीएसटी काउंसिल और राज्यों के बीच हुई बैठकों में लिया गया है। इससे व्यापारियों को कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।





