केजीएमयू में दूरबीन विधि से की गई घेंघा की सर्जरी

Captureलखनऊ। केजीएमयू में थायराइयड (घेंघा)की शिकायत होने पर पहली बार दो लाख की सर्जरी पांच हजार में कर मरीज की जान बचा ली। अब तक यह सर्जरी केवल पीजीआई और प्राइवेट अस्पताल में की जाती थी और इसका खर्चा महंगा होने की वजह से गरीब मरीजों की पहुंच से दूर थी। केजीएमयू में दूरबीन विधि से गले में पड़ी गांठ को ऑपरेशन करके निकाल दिया गया। केजीएमयू में इस तरह की यह पहली सर्जरी है। सुलतानपुर निवासी राम भुवन को थायरायड की शिकायत थी। इलाज के लिए जब वह केजीएमयू पहुंचा तो वहां डॉ. गीतिका नंदा ने उसका चेकअप किया और सर्जरी की सलाह दी। डॉ. विनोद जैन की सलाह पर मरीज की दूरबीन विधि से सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। ओपन सर्जरी में गले में चीरा लगाकर गांठ को निकाला जाता है, जिसका निशान गले पर पड़ जाता है। वह साफ नजर आता है। डॉ.गीतिका ने बताया कि युवक के सीने पर दाहिनी तरफ तीन छेद करके ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन करीब साढ़े चार घंटे चला, जिसके बाद तीन सेंटीमीटर की गांठ को सफलता पूर्वक निकाल दिया गया। इस सर्जरी में लगभग पांच हजार रूपए का खर्च आया है, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में इसी सर्जरी का खर्च दो लाख रुपये आता है। हालांकि अब तक यह सर्जरी केवल पीजीआई में ही की जाती थी। इस सर्जरी में डॉ.विनोद जैन, डॉ. पारिजात सूर्यवंशी, डॉ.गीतिका नंदा, डॉ.पंकज कन्नौजिया, डॉ. प्रणव, प्रो.अमिता मलिक, डॉ. प्रिया, डॉ.विबुला शामिल रहे।

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