कश्मीर में मंत्री-विधायकों की सुरक्षा पर खतरा, आतंकी बना सकते हैं निशाना


ये भी पढ़े: योगी के पहले आम बजट में पं. दीनदयाल की होगी गहरी छाप, जानें- कैसा होगा यूपी का बजट
इसके लिए जीएसटी के मुद्दे पर 17 जून से शुरू हो रहे विधानसभा के विशेष सत्र को संवेदनशील माना जा रहा है। आशंका जताई गई है कि इस दौरान आतंकी अपनी मौजूदगी दिखाने की कोशिश कर सकते हैं। सख्ती से बौखलाए आतंकी सुरक्षा बलों को चुनौती देने के लिए हमले को अंजाम दे सकते हैं।
हालांकि, कई मंत्रियों के आवास पर हथियार छीनने के उद्देश्य से आतंकी पहले भी हमला कर चुके हैं। दक्षिणी कश्मीर में पीडीपी के पुलवामा जिलाध्यक्ष तथा शोपियां में नेकां कार्यकर्ता की हत्या की जा चुकी है।
सूत्रों ने बताया कि दक्षिणी कश्मीर के शोपियां, अनंतनाग, पुलवामा तथा कुलगाम से जुड़े मंत्री तथा विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने घर जाना लगभग छोड़ दिया है। अब वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ श्रीनगर अथवा जम्मू में ही रहने को प्राथमिकता दे रहे हैं। अपने विधानसभा क्षेत्र में जाने पर उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है।





