कर्नाटक में सियासी अटकलें हुई तेज, येदियुरप्पा ने कांग्रेस नेता शिवकुमार से मुलाकात कर इन मुद्दों पर की चर्चा

बंगलूरू की राजनीति में इस समय हलचल बढ़ गई और कयासबाजी तेज हो गई जब भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा कांग्रेस के जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार के आधिकारिक घर पर मिलने पहुंच गए।कर्नाटक में सियासी अटकलें हुई तेज, येदियुरप्पा ने कांग्रेस नेता शिवकुमार से मुलाकात कर इन मुद्दों पर की चर्चा

येदियुरप्पा के साथ उनके बेटे और शिमोगा से सांसद बी वाई राघवेंद्र ने शिवकुमार से लगभग एक घंटे तक मुलाकात की जिसके बाद सियासी हलकों में कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है। जबकि सभी नेताओं ने किसी भी तरह की कयासबाजी और गठबंधन से इनकार किया है। 

ऐसा माना जा रहा है कि यह मुलाकात काफी लंबे समय से लंबित शिमोगा की सिंचाई पिरयोजना को अमली जामा पहुंचाने के लिए थी। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के बहाने पूर्व मुख्यमंत्री ने गठबंधन की बात की है। 

हालांकि इस मुलाकात को लेकर दोस्त से दुश्मन बने शिवकुमार और येदियुरप्पा ने किसी भी तरह की कयासबाजी लगाए जाने से मना किया है। दोनों ने कहा कि इस मुलाकात में कुछ भी राजनीतिक नहीं था। भाजपा नेता ने कहा है कि यह मुलाकात तेजी से सूखे की तरफ बढ़ रहे शिमोगा में आम सुविधाएं पहुंचाने को लेकर थी।

मीटिंग के बाद येदियुरप्पा ने कहा कि यह पूरी मीटिंग सिर्फ हमारे निर्वाचन क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित पड़े सिंचाई प्रोजेक्ट के लिए फंड रिलीज करने के लिए था। उन्होंने बताया कि शिकारीपुरा जो येदियुरप्पा का निर्वाचन क्षेत्र, शिवमोग ग्रामीण इलाके और शोरबा के क्षेत्रों के चार लंबित प्रोजेक्ट के लिए फंड रिलीज कराने के लिए था।   

मीटिंग के बारे में राघवेंद्र ने बताया कि इस मुलाकात में राजनीति के लिए कोई जगह नहीं थी। यह मुलाकात पूरी तरह से सिंचाई योजना के लिए थी। सिंचाई परियोजना के लिए हमने 2000 करोड़ रुपये की मांग की है और इसके लिए हमें सकारात्मक जवाब दिया है। मीटिंग के दौरान पीडब्ल्यूडी और जल विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।

वहीं इस मुलाकात में शिवकुमार ने कहा कि येदियुरप्पा पिछले दो महीने से मुझसे मिलना चाहते थे लेकिन व्यस्तताओं के कारण मुलाकात नहीं हो सकी थी। मीटिंग के बारे में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शिवकुमार ने वन मंत्री र शंकर से सिंगनदुर पुल के लिए जल्द से जल्द क्लीयरेंस दिए जाने की बात कही है।

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