कपिल का खुलासा- जैन ने अरविन्द केजरीवाल को दिए 2 करोड़, LG से मिले मनोज तिवारी


अपने बात की शुरुआत करते हुए कपिल मिश्रा ये बातें कहीं-
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-मुझे यहां आकर बहुत ऊर्जा और ताकत मिलती है। मैं सबसे पहले ये बात कहना चाहता हूं कि ये पार्टी मेरी है। हमने इस पार्टी के लिए लाठी डंडे खाए हैं और हमें इससे कोई नहीं निकाल सकता। अगर यहां कुछ भ्रष्टाचार आ गया है तो इस पर झाड़ू चलाने की जरूरत है। कार्यकर्ताओं की पार्टी है। ना मैं छोड़ूंगा न कोई पार्टी से निकाल सकता है।
-पूरी की पूरी कैबिनेट का अकेला ऐसा मंत्री हूं जिस पर कोई करप्शन चार्ज नहीं है। किसी भी रिश्तेदार किसी बेटी को किसी भी पद पर नहीं रखा।
-तीसरी चीच जब मैंने जब अपनी रिपोर्ट के बारे में एसीबी में लिखा तभी क्यों मुझे मंत्री पद से हटाया गया। पहले पानी की समस्या क्यों नहीं थी जब मैंने चिट्ठी लिखी थी तब ही क्यों किया।
-मेरी जिम्मेदारी थी कि जो मैंने देखा वो उपराज्यपाल महोदय को बताऊं तो मैंने आज उन्हें बता दिया।
-माननीय सत्येंद्र जैन ने खुद ये बताया कि सत्येंद्र जैन ने केजरीवाल को एक जमीन के लिए 50 करोड़ की डील कराई। केजरीवाल के किसी सगे रिश्तेदार की जमीन के लिए पैसे दिए गए। मैंने खुद सत्येंद्र जैन को केजरीवाल को 2 करोड़ रुपए देते देखी। मुझे रातभर नींद नहीं आई। इस पर जब मैंने केजरीवाल से कहा तो वो बोले कि राजनीति में ऐसा होता रहता है।
जब उनसे कपिल के आरोप पर सवाल किया गया तो वो बोले कि वो बात ऐसी जिसपर जवाब देने लायक नहीं है। ये बात उल जलूल है। इसका कोई आधार नहीं है और इस पर कोई विश्वास नहीं करेगा। उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया गया इसलिए वो ऐसी बातें कर रहे हैं।
अपनी प्रेस कांफ्रेंस के बाद लगातार कपिल मिश्रा ट्वीट पर ट्वीट कर अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे हैं।
इससे पहले आज वो दिल्ली के एलजी से मिले और उन्होंने एलजी को सारे सबूत दिए। उपराज्यपाल से मुलाकात के बाद उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि मैंने उन्हें अवैध तरीके से पैसे लेते देखा, अब चुप रहना असंभव है। मैंने एलजी से मिलकर सभी सबूत दे दिए हैं। कुर्सी क्या प्राण भी जाये तो जाए।
इससे पहले कुमार विश्वास दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर पहुंच चुके हैं जहां केजरीवाल के घर भी एक बड़ी बैठक चल रही है जिसमें संजय सिंह, सिसोदिया आदि मंत्री भी शामिल है। वहीं कपिल मिश्रा के खुलासे की बात के बाद दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने उन्हें सुरक्षा देने की बात कही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मनोज तिवारी ने कहा कि उनपर हमला भी हो सकता है, इसलिए उन्हें पूर्ण सुरक्षा दी जानी चाहिए। वहीं कपिल मिश्रा ने एलजी से से मिलने उनके आवास पर पहुंच चुके हैं।
इस बीच पूर्वी दिल्ली की पहली महापौर और कपिल मिश्रा की मां अन्नपूर्णा ने भी बड़ा बयान दिया है। अन्नपूर्णा ने कपिल को बीजेपी में शामिल होने की सलाह दी है। अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्ट लोगों को रख लिया और ईमानदार लोगों को निकालते जा रहे हैं। बता दें कि कैलाश गहलोत को कपिल मिश्रा की जगह दी गई है। इसके साथ ही राजेंद्र पाल गौतम को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
मैं कपिल मिश्रा हूं, केजरीवाल जानते हैं
कपिल मिश्रा ने कहा कि मंत्री पद से हटाने का कारण कुमार विश्वास नहीं, बल्कि टैंकर घोटाले में भ्रष्टाचार को उजागर करना है। इस सवाल पर कि कहीं उन्हें पार्टी से तो नहीं निकाला जाएगा, उन्होंने कहा मैं इस पार्टी का फाउंडर मेंबर हूं, लाठी खाई, आंदोलन किया, तब जाकर यहां तक पहुंचा। यहां रहकर ही झाड़ू चलाऊंगा। प्रशांत भूषण, योगेंद्र व शाजिया को भी तो हटा दिया गया था, इस पर उन्होंने कहा कि मैं कपिल मिश्रा हूं, मुझे केजरीवाल जानते हैं।
विश्वास के करीबी माने जाने वाले मिश्रा को मंत्री पद से हटाने की कई वजहें हो सकती हैं, लेकिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस फेरबदल के पीछे उनका जल प्रबंधन सही नहीं होना बताया है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस फैसले के बारे में सिसोदिया ने मीडिया को बताया कि बेहतर जल प्रबंधन नहीं होने के कारण उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया गया है। विशेषकर नगर निगम चुनाव के दौरान कई इलाकों में पानी की किल्लत रही और लोगों के घरों पर पानी के दो-दो हजार रुपये के बिल पहुंचे, जबकि दिल्ली सरकार ने पानी के बिल माफ कर रखे हैं।
यह पद लंबे समय से रिक्त पड़ा हुआ है। राष्ट्रपति से स्वीकृति मिलने के बाद उपराज्यपाल दोनों विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाएंगे।
आज 11 बजे करेंगे खुलासा
टैंकर घोटाले में केजरीवाल को चौंकाने वाली जानकारी देने के बाद मंत्री पद से हटाने का दावा करने वाले कपिल मिश्रा इस जानकारी को रविवार सुबह 11 बजे अपने निवास पर सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने इस संबंध में पत्रकार सम्मेलन बुलाया है।
गौरतलब है कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने शनिवार शाम कपिल मिश्रा को जल मंत्री के पद से हटा दिया। इससे पहले कपिल मिश्रा ने पार्टी में चले विवाद के दौरान कुमार विश्वास का पक्ष लिया था। केजरीवाल सरकार के इस फैसले को कुमार विश्वास के विश्वासपात्रों को कड़ी चेतावनी माना जा रहा है।
पार्टी ने दो नए चेहरों सीमापुरी से विधायक राजेंद्र पाल गौतम और नजफगढ़ से विधायक कैलाश गौतम को कैबिनेट में शामिल किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कपिल मिश्रा को मंत्री पद से हटाने का फैसला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कैबिनेट बैठक में लिया है।
कपिल मिश्रा ने एसीबी प्रमुख से पूछा कि जल बोर्ड के टैंकर घोटाले के मामले में उनकी शिकायत पर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से कब पूछताछ होगी। क्योंकि एसीबी ने इस मामले में उनसे तो पूछताछ कर ली, लेकिन जिसकी सरकार में यह घोटाला हुआ था, उनसे अभी तक पूछताछ नहीं की गई है। इसके अलावा उन्होंने एसीबी प्रमुख से पूछा कि उनसे हुई पूछताछ के बाद टैंकर घोटाले की जांच कहा तक पहुंची है। इस मामले में एसीबी फिलहाल क्या कार्रवाई कर रही है।
घोटाले में कुछ अन्य जानकारी मिली
दिल्ली सरकार के जल मंत्री ने एसीबी प्रमुख को बताया है कि टैंकर घोटाले के संबंध में उनको कुछ अन्य जानकारी मिली है। वह उन्हें एसीबी को देना चाहते हैं। वह यह जानकारी देेने के लिए कब उनके पास आ सकते हैं। कपिल मिश्रा ने गत वर्ष टैंकर घोटाले के संबंध में एसीबी के पास शिकायत की थी। इस मामले में उनको तलब करके पूछताछ की गई थी, लेकिन उसके बाद सेे टैंकर घोटाले के मामले में कोई सुगबुगाहट नहीं है।





