कक्षा तीन की बच्ची ने लिया देह दान का संकल्प, लोगों को भी कर रही जागरूक

तमाम उम्र काट देने के बाद भी लोग देह दान का महत्व नहीं समझ पाते, वहीं महज सात साल की उम्र में तनिष्का उर्फ टीया ने मत्यु उपरांत देह दान का संकल्प कर समाज को प्रेरणा देने का काम किया है। छोटी उम्र में समाज की भलाई के लिए ऐसा निर्णय करने वाली वाली तनिष्का और लोगों को भी देह दान के प्रति जागरूक कर रही हैं।
तनिष्का के नाना नरेश सोरायन बताते हैं कि गत अप्रैल में ही ग्रेटर कैलाश नई दिल्ली स्थित दधीचि देह दान समिति में तनिष्का ने मरणोपरांत देह दान का पंजीकरण करवाया। उन्होंने दावा किया कि ऐसा करने वाली तनिष्का देश की सबसे कम उम्र की बच्ची है। कक्षा तीन की छात्र तनिष्का अपने स्कूल में सबकी चहेती है और अब वह अन्य लोगों को देह दान के प्रति प्रेरणा दे रही है।
पूरे परिवार ने ही लिया है देह दान का संकल्प
तनिष्का ही नहीं उसके नाना-नानी, मामाओं ने भी मरणोपरांत देह दान का संकल्प लिया हुआ है। मां लतिका ठाकुर ने भी आंखें दान करने का संकल्प लिया है। समाज सेवी नरेश सोरायन बताते हैं कि वह अक्सर बीके सिविल अस्पताल में मरीजों की सेवा करने जाते थे। वहां गंभीर बीमारी से जूझ रहे गरीब मरीजों की बेबसी देख परेशान हो जाते। एक दिन उन्हें ख्याल आया कि मरने के बाद तो यह शरीर राख हो जाएगा, इससे बेहतर है कि रिसर्च के काम आए। यह विचार उन्होंने पत्नी विमलेश, बेटे दीक्षांत, विवेक और बेटी लतिका के सामने रखे। पूरे परिवार ने न केवल सिर्फ उनका समर्थन किया बल्कि खुद भी मरणोपरांत देहदान की इच्छा प्रकट की।





