एशिया की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिहाड़ जेल में बना निशुल्क कानूनी सलाह केंद्र

भारत ही नहीं, बल्कि एशिया की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिहाड़ जेल में अब कैदियों के साथ-साथ उनसे मिलने आने वाले लोगों को भी मुफ्त कानूनी सलाह दी जाएगी। इसके लिए यहां पर ‘निशुल्क कानूनी सलाह केंद्र’ की स्थापना की गई है। लीगल सर्विस क्लीनिक सोमवार से शुक्रवार तक कार्यालय वक्त में संचालित होगा। यह कानूनी सलाह केंद्र उन कैदियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के न्यायाधीश संजीव खन्ना और दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) के मुख्य न्यायाधीश धीरूभाई नारनभाई पटेल ने पिछले दिनों इसका संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इसके अलावा, जेल परिसर में एक ‘ओएसिस-सेंटर’ का भी उद्घाटन किया गया।
इस मौके पर न्यायमूर्ति धीरुभाई नारन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि जेल में निशुल्क कानूनी सलाह केंद्र की स्थापना एक अनूठा प्रयास है। यह कैदियों के साथ उनके परिजनों दोनों के लिए यह बेहद मददगार साबित होगा। साथ ही इस कानूनी सलाह केंद्र से कानूनी प्रक्रिया में भी तेजी आने की उम्मीद है।
वहीं, उद्घाटन के दौरान न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने कहा कि जेल को सुधार गृह बनाने के नजरिए से तिहाड़ जेल में बेहतर काम हो रहा है। इस तरह की प्रक्रिया आगे भी जारी रखने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सेंटर में काम सीख लेने से इंसान जेल से बाहर जाकर खुद को अपने पैरों पर खड़ा जब पाएगा तो उसे जेल के इस केंद्र में सीखी गई तकनीक और बातों की कीमत का अहसास होगा।
उधर, जेल नंबर 4 में शुरू हुए लीगल सर्विस क्लीनिक को लेकर तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने कहा कि इस क्लीनिक का सबसे बड़ा फायदा उन कैदियों और उनके परिजनों को होगा, जिन्हें निशुल्क कानूनी सहायता नहीं मिल पाती है।
उल्लेखनीय है कि अबतक जेल के अंदर बंद कैदियों को ही निशुल्क कानूनी सलाह का इंतजाम था, लेकिन पहले से स्थापित एक लीगल क्लिनिक जेल नंबर-3 में है।





