एलपीजी: जम्मू-कश्मीर में गैस संकट का डर, स्टॉक सिर्फ चार दिन का बचा

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इंडेन, भारत और एचपी की गैस एजेंसियों के पास रसोई गैस सिलिंडर का सिर्फ चार दिन के लिए स्टाॅक शेष है। दोनों प्रदेशों में 137 गैस एजेंसियों के गोदामों में 13 मार्च को 1,52,092 गैस सिलिंडर थे। दावा है कि आपूर्ति शृंखला अगले 72 घंटों में सामान्य न हुई तो संकट गहरा सकता है। जम्मू संभाग में 72,080 और कश्मीर में 80,012 रसोई गैस सिलेंडर का स्टाॅक है।

जम्मू-कश्मीर में इंडियन ऑयल कार्पोरेशन की 77, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन की 105 और भारत पेट्रोलियम की 36 गैस एजेंसियां हैं। एजेंसियों के बाहर नो-स्टाॅक के बोर्ड तो नहीं है लेकिन आसानी से सिलिंडर मिल भी नहीं रहा है। इस बीच, इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के स्टेट कोआर्डिनेटर का दावा है कि जम्मू-कश्मीर में रसोई गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी।

पिछले एक सप्ताह से बॉटलिंग प्लांट से एलपीजी सिलिंडर लेकर ट्रकों का आना कम होने की बात सामने आ रही है। जम्मू शहर की बड़ी गैस एजेंसियों के पास औसतन 1500 से 2000 सिलेंडर की दैनिक खपत है। इसकी तुलना में 400-500 सिलेंडर ही पहुंच रहे हैं। इस कारण वेटिंग पीरियड 24 घंटे से बढ़कर सात से 10 दिन तक पहुंच चुका है।

सिलिंडरों की कालाबाज़ारी पर रोक लगाने की मांग
घरेलू सिलिंडर की कथित कालाबाज़ारी पर कड़ी चिंता जताते हुए शिवसेना हिन्दुस्तान के अध्यक्ष राजेश केसर ने राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ गैस एजेंसियां और डिलीवरी कर्मी 1100 से 1300 रुपये प्रति सिलिंडर कीमत वसूल रहे हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। केसरी ने कहा कि पार्टी जल्द गैस वितरण केंद्रों के बाहर स्वयंसेवकों को तैनात करेगी।

गैस सिलिंडर की सप्लाई को लेकर एजेंसियों पर बढ़ी आवाजाही
शहर में शुक्रवार को भी कई गैस एजेंसियों पर ग्राहकों की आवाजाही देखने को मिली। कुछ स्थानों पर सामान्य से अधिक भीड़ रही क्योंकि लोग अपने सिलिंडर की जानकारी लेने और बुकिंग की स्थिति जानने पहुंचे। हालांकि एजेंसियों के अनुसार सप्लाई व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने की प्रक्रिया जारी हैै।

इस दौरान रिहाड़ी स्थित एक गैस एजेंसी पर पहुंचे सरवाल क्षेत्र के रहने वाले संजय वैद बताया कि उनके कार्ड पर अब तक केवल एक ही सिलिंडर दर्ज है जबकि उन्हें बताया गया है कि उनके कोटे के 15 सिलिंडर पूरे हो चुके हैं। संजय वेद ने कहा कि यदि रिकॉर्ड में कोई गलती है तो उसकी जांच होनी चाहिए। वहीं बख्शी नगर स्थित गैस एजेंसी पर मौजूद बुजुर्ग महिला मीना देवी ने बताया कि उन्होंने तीन दिन पहले सिलिंडर की बुकिंग कराई थी लेकिन अभी तक डिलीवरी नहीं हुई है। वह घर पर इंतजार कर रही थीं जब सिलिंडर नहीं पहुंचा तब वह एजेंसी पर आईं हैं। ग्राहकों का कहना है कि पारदर्शिता और समय पर जानकारी मिलने से उन्हें सुविधा होती है। गैस एजेंसियों से भी अपेक्षा की जा रही है कि वे बुकिंग जुड़ी स्थिति समय-समय पर स्पष्ट करें, ताकि किसी तरह की गलतफहमी न हो।

होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर गैस किल्लत का असर, वैकल्पिक इंतजाम शुरू
गैस सिलिंडर की किल्लत का असर शहर के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है। सप्लाई में बाधा आने के बाद कई कारोबारियों ने अपने स्तर पर वैकल्पिक इंतजाम शुरू कर दिए हैं, ताकि ग्राहकों को सेवा देने में रुकावट न आए। हालांकि अभी स्थिति पूरी तरह से गंभीर नहीं है लेकिन व्यापारियों का कहना है कि अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

यूनाइटेड होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रधान आशिक हुसैन ने बताया कि फिलहाल उनके रेस्टोरेंट में कोई बड़ी समस्या नहीं आई है लेकिन भविष्य में गैस की कमी बढ़ने की आशंका को देखते हुए वे पहले से वैकल्पिक उपायों की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कारोबार को स्थिर बनाए रखने के लिए समय रहते योजना बनाना जरूरी है। रेजिडेंसी रोड पर रेस्टोरेंट चलाने वाले मुश्ताक अहमद ने बताया कि बीते तीन-चार दिनों से उनके रेस्टोरेंट में गैस की सप्लाई पूरी तरह से बंद है। मजबूरी में उन्हें लकड़ी जलाकर काम शुरू करना पड़ा है। इससे काम तो चल रहा है, लेकिन लागत बढ़ रही है और अगर सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई तो आगे परेशानी और बढ़ सकती है।

वहीं होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रधान पवन गुप्ता ने बताया कि शहर के अधिकांश होटल इस समय किल्लत का सामना कर रहे हैं। कई संचालकों ने इंडक्शन जैसे विकल्प अपनाए हैं, ताकि संचालन जारी रह सके। उन्होंने सरकार से अपील की कि गैस की सप्लाई को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए, ताकि होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ रहा असर कम हो और कारोबार सुचारू रूप से चलता रहे।

व्यापारियों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो न सिर्फ संचालन लागत बढ़ेगी, बल्कि इसका असर ग्राहकों और पूरे कारोबार पर भी पड़ सकता है। इसलिए जल्द समाधान जरूरी है।

रसोई गैस की कालाबाजारी की तो रद्द होगा लाइसेंस : सतीश
खाद्य आपूर्ति मंत्री सतीश शर्मा ने कहा, रसोई गैस सिलिंडर की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं होगी। विभाग के अधिकारी उन इलाकों में दबिश देंगे। जो भी एजेंसी धारक सिलिंडर की कालाबाजारी करेंगे, उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, विभाग मौजूदा हालात पर नजर बनाए हुए है। विभागीय अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें हो रही हैं। उन्होंने कहा, अलग-अलग उड़नदस्ते तैयार किए गए हैं। यह टीमें सप्लाई स्थल समेत थोक के गोदामों में पहुंच कर जांच अभियान चलाएंगी। उन्होंने कहा, कहीं कालाबाजारी हो रही है तो इसके लिए स्थानीय लोग सरकार तक सूचना पहुंचा सकते हैं। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश जारी कर दिए हैं। सतीश शर्मा ने बताया कि प्रदेश में इस समय किसी भी तरह की किल्लत नहीं है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा, कुछ शरारती तत्व माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि वे किसी भी तरह के भय में न आएं।

रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच इंडक्शन की बढ़ गई डिमांड
जम्मू में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत शुरू होते ही लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी शुरू कर दी है। इसका सीधा असर शहर के बाजारों में दिखाई दे रहा है। पिछले चार-पांच दिनों से बिजली से चलने वाले इंडक्शन की मांग में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इंदिरा चौक के दुकानदार अतुल मंगोत्रा ने बताया कि पहले इंडक्शन की बिक्री बेहद कम थी। दिन में मुश्किल से एक या दो यूनिट ही बिकते थे। गैस की कमी सामने आने के बाद बिक्री में तेजी आई है। लोग अब इसे अस्थायी विकल्प के तौर पर देख रहे हैं, ताकि रसोई का काम प्रभावित न हो। अब कई दिनों से दिन में पांच से अधिक इंडक्शन बिक रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में इंडक्शन की कीमत करीब 2,000 रुपये से 3,500 रुपये तक है। मांग बढ़ने के साथ बिक्री में भी इजाफा हो रहा है। इंदिरा चौक के इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी राकेश गुप्ता ने भी माना कि गैस की किल्लत का सीधा असर बाजार पर पड़ा है। उनके मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में ग्राहक इंडक्शन के बारे में ज्यादा पूछताछ कर रहे हैं। कई लोग तुरंत खरीदारी कर रहे हैं, जबकि कुछ भविष्य की स्थिति को देखते हुए जानकारी जुटा रहे हैं।

दुकानदारों ने यह भी आशंका जताई है कि अगर गैस की किल्लत कुछ और दिनों तक जारी रहती है और मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो बाजार में इंडक्शन की कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है। कुछ व्यापारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है जिससे कीमतें बढ़ने या अनियमित बिक्री की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल बाजार सामान्य है और बिक्री बढ़ने का मुख्य कारण गैस की कमी ही है।

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