एक अफसर का कत्ल: एक संदिग्ध ट्रेन के आगे कूदा, दूसरा 4 साल बाद भी फरार

जयपुर. सांगानेर थाना इलाके में श्योपुर रोड़ स्थित जगन्नाथपुरी में रहने वाले आईआरएस अफसर श्रीराम मीणा की हत्या उनके आवास पर ही 9 जून 2013 को कर दी गई थी। हत्या का पता अगले दिन सुबह तब चला, जब उनकी घरेलू नौकरानी काम करने के लिए घर पहुंची।एक अफसर का कत्ल: एक संदिग्ध ट्रेन के आगे कूदा, दूसरा 4 साल बाद भी फरार

कैसे हुई थी?
अकेले में धारदार हथियार से वार
जिस रात श्रीराम मीणा की हत्या हुई तब वेे घर पर अकेले थे और उनकी पत्नी गीतांजली बच्चों के साथ पीहर गई थी। उनकी हत्या धारदार हथियारों से वार करके घर के ड्राइंगरूम में की गई।

जांच का क्या हुआ?
पुलिस खुद प्रताड़ना में फंस गई

पुलिस ने श्रीराम मीणा के नजदीकी पांच्यावाला निवासी कमल मीणा से दो दिन पूछताछ की। तीसरे दिन कमल मीणा ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। सुसाइड नोट में तत्कालीन एडिशनल डीसीपी योगेश दाधीच व एसीपी सांगानेर राजेश मील पर प्रताड़ना के आरोप लगाए। जांच क्राइम ब्रांच ने की, पर एफआर लगा दी गई। दूसरा संदिग्ध सुनील मीणा चार साल बाद भी फरार।

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यह अफसर जांच से जुड़े

– कार्यवाहक पुलिस कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ के कार्यकाल में श्रीराम मीणा की हत्या हुई थी। इसके बाद भूपेन्द्र दक व जंगा श्रीनिवास राव भी कमिश्नर रह चुके है। अभी संजय अग्रवाल पुलिस कमिश्नर है।

– इसके अलावा डीसीपी श्वेता धनकड़, विकास कुमार व अमनदीप कपूर रह चुके है। वर्तमान में डीसीपी कुंवर राष्ट्रदीप है। जबकि जांच अधिकारी राजेश मील व बाघ सिंह रह चुके है। वर्तमान में सांगानेर एसीपी अशोक चौहान जांच अधिकारी हैं।

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