एएसपी से शुरू किया था पुलिस में सफर, अब बने राजस्थान के नए डीजीपी

जयपुर.राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और जेल विभाग के डीजी अजीत सिंह शेखावत को प्रदेश का नया डीजीपी नियुक्त किया है। राज्य सरकार की तरफ से मंगलवार रात इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। 1982 बैच के अधिकारी शेखावत आगामी नवंबर तक यानी करीब चार महीने इस पद पर रहेंगे। फील्ड पोस्टिंग में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए सरकार ने पुलिस प्रमुख की कमान सौंपी है।

उधर, सरकार ने डीजी जेल का अतिरिक्त प्रभार एडीजी संचार एवं तकनीकी सुनील मेहरोत्रा को दिया है। शेखावत ने फील्ड में लंबा समय गुजारा और हमेशा महत्वपूर्ण पदों पर रहे। कोटा में एएसपी से राजस्थान पुलिस में सफर शुरू करने वाले शेखावत सबसे पहले 1987 में सिरोही एसपी बनाए गए। इसके बाद वे झालावाड़, सवाई माधोपुर, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर एवं जयपुर सिटी एसपी रहे।
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एसीबी में उनका लंबा कार्यकाल रहा। सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हें भाजपा सरकार ने सबसे महत्वपूर्ण राज्य पुलिस की अपराध शाखा का मुखिया बनाया गया। 2015 में एडीजी से प्रमोट कर डीजी जेल नियुक्त किया था। करीब दो साल चार माह बाद उन्हें राज्य का डीजीपी बनाया गया है।
‘कप्तान’ बनने के सियासी मायने
– राजपूत समाज भाजपा का बड़ा वोट बैंक है। आनंदपाल एनकाउंटर को लेकर राजपूत समाज और राज्य सरकार में दूरी बनी हुई है। क्योंकि अजित सिंह इसी समाज से आते हैं, इसलिए उन्हें डीजीपी बनाकर भाजपा सरकार ने अपना पारंपरिक वोट बैंक साध लिया है।
– शेखावत का लंबा अनुभव रहा है। चर्चित अपराधों की गुत्थी खोलने में सिंह माहिर माने जाते रहे हैं। वह छह जिलों में एसपी रहे। जयपुर रेंज प्रथम में तीन बार अलग-अलग अवधि में डीआईजी और उदयपुर रेंज के आईजी भी रहे। – कभी किसी बड़े विवाद में नहीं रहे।
– शेखावत का लंबा अनुभव रहा है। चर्चित अपराधों की गुत्थी खोलने में सिंह माहिर माने जाते रहे हैं। वह छह जिलों में एसपी रहे। जयपुर रेंज प्रथम में तीन बार अलग-अलग अवधि में डीआईजी और उदयपुर रेंज के आईजी भी रहे। – कभी किसी बड़े विवाद में नहीं रहे।





