ईरान से युद्ध के बीच अमेरिकी युवाओं की खुद ही हो जाएगी सेना में भर्ती

 पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका दशकों में पहली बार अपनी सैन्य भर्ती प्रणाली में बदलाव करने जा रहा है, जिसके तहत योग्य पुरुषों का ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन करने का नया प्रस्ताव है। वियतनाम युद्ध के बाद यह सबसे महत्वपूर्ण बदलाव होगा, जब देश ने आखिरी बार अनिवार्य सैन्य भर्ती लागू की थी।

18 से 26 वर्ष की उम्र के पुरुषों को ‘सेलेक्टिव सर्विस’ के लिए पहले से ही रजिस्टर करवाना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें सेना में भर्ती किया जा सके। पिछली बार यह भर्ती प्रक्रिया फरवरी 1973 में वियतनाम युद्ध के दौरान लागू थी।

पिछले चार ड्राफ्ट में सैन्य सेवा के लिए चुने गए पुरुषों की संख्या

द्वितीय विश्व युद्ध में लगभग 10.1 मिलियन पुरुषों को सेना में भर्ती किया गया था, जो प्रथम विश्व युद्ध की तुलना में तीन गुना से भी अधिक था। सेलेक्टिव सर्विस सिस्टम की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, 46 राज्यों और क्षेत्रों में ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था पहले से ही लागू है।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम का ईरान के साथ चल रहे युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है और इसे उस देश के साथ मौजूदा संघर्ष शुरू होने से कई महीने पहले ही दोनों पार्टियों के समर्थन से पारित कर दिया गया था। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने जमीन पर अमेरिकी सैनिक भेजने की संभावना से इनकार नहीं किया है और इस युद्ध के चलते ‘ड्राफ्ट पॉलिसी’ पर एक बार फिर से ध्यान केंद्रित हो गया है।

कौन-कौन रजिस्ट्रेशन कर सकता है और कैसे काम करता है?

नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट के अनुसार, यह ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन 18 से 26 वर्ष की आयु के अमेरिकी पुरुष नागरिकों और देश में मौजूद “हर पुरुष व्यक्ति” पर लागू होगा। इस पर राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दिसंबर में हस्ताक्षर करके उसे कानून का रूप दिया था।

यह पंजीकरण ग्रीन-कार्ड धारकों, शरणार्थियों, शरण चाहने वालों और बिना दस्तावेज वाले पुरुषों पर लागू होता है। गैर-आप्रवासी वीजा धारकों को इससे छूट प्राप्त है। सेलेक्टिव सर्विस सिस्टम वेबसाइट के अनुसार, फिलहाल जिन राज्यों में ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन लागू नहीं है, वहां पुरुषों को “अपने 18वें जन्मदिन के 30 दिनों के अंदर” रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है।

सेलेक्टिव सर्विस के लिए रजिस्टर न करना एक गंभीर अपराध है, जिसके कारण कुछ लाभों जैसे कि कुछ स्टूडेंट लोन और नौकरियों से वंचित होना पड़ सकता है। यह ‘मिलिट्री सेलेक्टिव सर्विस एक्ट’ का भी उल्लंघन है, जिसके लिए पांच साल तक की कैद और 250,000 डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है।

ड्राफ्ट में क्या है?

ड्राफ्ट होने से पहले कांग्रेस को उसे मंजूरी देनी होगी और सभी रजिस्टर्ड पुरुषों को सेवा के लिए भर्ती नहीं किया जाएगा। एक लॉटरी सिस्टम होगा, जिसमें जन्मदिन और नंबर बेतरतीब ढंग से चुने जाएंगे।

जिन लोगों का 20वां जन्मदिन ड्राफ्ट वाले साल में पड़ता है, उन्हें सबसे पहले भर्ती के आदेश मिलेंगे। इसके बाद क्रम से ये आयु वर्ग आएंगे- 21, 22, 23, 24, 25, 19 और वे लोग जिनके 18वें जन्मदिन को छह महीने से ज्यादा समय बीत चुका है।

जिन लोगों का चयन होगा, उन्हें छूट या स्थगन के लिए अनुरोध करने की अनुमति दी जाएगी। एसएसएस के अनुसार, बाकी बचे सभी पुरुषों का “शारीरिक, मानसिक और नैतिक मूल्यांकन” किया जाएगा और जो लोग यह साबित कर देंगे कि वे सेवा के लिए उपयुक्त हैं, उन्हें सेवा के लिए चुन लिया जाएगा।

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