ईरान के हमले से इजरायल को बचाने के लिए अमेरिका ने फूंक दिए लाखों डॉलर

ईरान से संघर्ष के दौरान अमेरिका ने इजरायल की रक्षा में अपने लाखों डॉलर फूंक दिए। मिलिट्री वॉच मैगजीन की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक अमेरिका ने अपने उन्नत एंटी-मिसाइल सिस्टम या टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस का 20 फीसदी केवल 12 दिनों के संघर्ष के दौरान खर्च कर दिया।

एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल में अमेरिका ने THAAD सिस्टम इंस्टॉल किया हुआ है, जिसे 2024 में अमेरिका ने रिफील किया था। बता दें कि ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों की बौछार कर दी थी। इसमें गदर, इमाद, खेबर शेकन और फतह-1 जैसी हाइपरसोनिक मिसाइलें शामिल थीं।

1.2 बिलियन डॉलर का खर्च

मैगजीन के मुताबिक, ईरान संघर्ष के दौरान 60-80 इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया गया था। इंटरसेप्टर के एक लॉन्च में 12-15 मिलियन डॉलर की लागत आती है। अगर कुल लागत कैलकुलेट करें, तो यह लगभग 1.2 बिलियन डॉलर होता है।

THAAD सिस्टम को ईरान और नॉर्थ कोरिया जैसे देशों को बढ़ती मिसाइल क्षमताओं का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया था। अमेरिका एक साल में केवल 50-60 THAAD इंटरसेप्टर का प्रोडक्शन करता था। लेकिन 12 दिनों में हुए खर्च को भरने में वर्षों लग सकते हैं।

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एलान के बाद ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष खत्म हो गया है। लेकिन ईरान इसे अपनी जीत के रूप में पेश कर रहा है और ट्रंप ने साफ शब्दों में कह दिया है कि उसने खामेनेई को अपमानजनक मौत मरने से बचा लिया है।

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