इस मंदिर में भक्त चढ़ाते हैं घंटियां, भगवान अर्जी पढ़कर करते हैं इन्साफ

उत्तराखंड प्राचीन तीर्थों का धाम है। इसे देवी-देवताओं की धरती कहा जाता है। यहां के अल्मोड़ा जिले के चित्तई स्थान पर गोलू देवता का मंदिर है। इस मंदिर से अनेक भक्तों की आस्था जुड़ी है लेकिन यह एक खास परंपरा के लिए जाना जाता है। l_golu-devta

 यहां भगवान को घंटियां चढ़ाने का रिवाज है। साथ ही गोलू देवता को भक्त अपनी मन्नत बताने के लिए अर्जी भेंट करते हैं। माना जाता है कि गोलू देवता अर्जी पढ़कर भक्त के साथ इन्साफ करते हैं।
जब इस मंदिर के प्रांगण में प्रवेश करते हैं तो यहां घंटियों की एक लंबी कतार दिखाई देती है। मंदिर में घंटियों का अंबार लगा हुआ है, इसलिए इसे घंटियों वाला मंदिर भी कहा जाता है। 
गोलू देवता को भक्त मन्नत के लिए घंटियां भी चढ़ाते हैं और इनका अन्यत्र उपयोग नहीं किया जाता। गोलू देवता इन्साफ के देवता माने जाते हैं। इसलिए भक्त उन्हें अपनी पीड़ा अर्जी के माध्यम से बताते हैं। ऐसे अनेक भक्त हैं जो यह बताते हैं कि गोलू देवता के दरबार में अर्जी देने से उनके साथ इन्साफ हुआ। 
मंदिर में सिर्फ उत्तराखंड से नहीं बल्कि अन्य राज्यों से भी काफी तादाद में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। भक्त इसे घंटियों वाला या अर्जियों वाला मंदिर भी कहते हैं और मन्नत पूरी होने पर पुन: आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं। 
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