इस दीपावली ना करें मां लक्ष्मी की पूजा……, जानिए क्या है कारण

हमारे हिन्दू धर्म में सभी सप्ताह के सातों दिनों अनुसार भगवानों की पूजा की जाती है। सभी जानते हैं कि हर शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। सभी दीपावली पर हर घर में लक्ष्मी पूजन होगा और मां को प्रसन्न करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार कुछ ऐसी बातें हैं जो आम लोगों को ज्ञात नहीं होती और वो अनजाने में भूल कर बैठते हैं।

-भगवान व‌िष्‍णु को तुलसी बहुत प्यारी है, तभी उसे विष्णु प्रिया कहा जाता है। भगवान व‌िष्‍णु के शाल‌िग्राम स्वरूप से उनका विवाह हुआ है इस नाते वह देवी लक्ष्मी की सौतन हैं। देवी लक्ष्मी को कुछ भी अर्पित करते समय उसमें तुलसी और तुलसी मंजरी न डालें।

-लक्ष्मी पूजन के समय लाल या गुलाबी वस्त्र पहनें।

वास्तु एक्सपर्ट के बताए इन तरीकों से सफल होगी मां लक्ष्मी की आराधना और पूरी होगी हर मनोकामना

-देवी लक्ष्मी को अर्पित दीपक दाईं ओर रखें। उसमें प्रयोग होने वाली बाती लाल रंग की होनी चाहिए।

-अगरबत्ती, धूप, धूमन और धुएं वाली चीजों को बायीं ओर रखें।

-देवी लक्ष्मी सुहागन हैं, उनका सुहाग अजर-अमर है। उन्हें सफेद रंग के फूल चढ़ाना वर्जित है। महालक्ष्मी को लाल-गुलाबी गुलाब और कमल के फूल बहुत प्रिय हैं।

-महालक्ष्मी संग गणपति का पूजन दीपावली कि रात्रि को किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार महालक्ष्मी भगवान विष्णु का साथ कभी नहीं छोड़ती। जहां विष्णु होंगे वहां देवी लक्ष्मी स्वयं आएंगी। देवीभागवत पुराण के अनुसार लक्ष्मी पूजन तभी सफल होता है जब गणेश वंदना के बाद लक्ष्मी नारायण की अराधना की जाए।

-देवी लक्ष्मी को प्रसाद अर्पित करते वक्त उसे दक्ष‌िण द‌िशा में रखें और पुष्प उनके सामने रखें।

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