इस तरह से करते है शनि देव को प्रणाम, तो उठाना पड़ सकता है नुकसान
अधिकतर लोग भगवान को हाथ जोड़कर प्रणाम करते हैं। शनि देव को भी इसी तरह प्रणाम किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शनि देव के सामने खड़े होकर हाथ जोड़कर उन्हें प्रणाम नहीं करना चाहिए। जानिए इसके पीछे का कारण
अक्सर शनिदेव को प्रणाम करते समय उनसे कृपा बनाए रखने के लिए प्रार्थना करते हैं। जबकि ऐसा भूलकर भी नहीं करना चाहिए। शनिदेव की व्रक दृष्टि का पड़ना अशुभ होता है।
शनिदेव के मंदिर में सूर्योदय से पहले या फिर सूर्यास्त के बाद ही जाएं। शनिदेव को दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करने की जगह अपना सिर शनिदेव के आगे झुकाएं और दोनों हाथ को कमर के पीछे ले जाकर बांधकर नमन करें।
इसके बाद शनिदेव के आगे प्रतिज्ञा करें कि जो काम भगवान को पसंद नहीं हैं, वो आप बिल्कुल भी नहीं करेंगे। अगर आपने भगवान को ऐसा वचन दिया है तो उसका ईमानदारी से पालन नहीं कर पाएं तो शनिदेव का प्रकोप भी आपको झेलना पड़ सकता है।
शनिदेव का प्रणाम करते समय ये मंत्र जरूर बोलें
नीलांजन समाभासं सूर्यपुत्रं यमाग्रजम |
छायामार्तण्ड संभूतं तं नमाति शनैश्चरं ||





