इस्लाम की सेवा के लिए अब ये पाकिस्तानी सिंगर कभी नही गाएगी गाना

 पाकिस्तान  की चर्चित सूफी सिंगर शाजिया खश्क (Shazia Khushk) ने शोबिज को अलविदा कहते हुए कहा है कि अब वह गाना नहीं गाएंगी. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ‘लाल मेरी पत.’ और ‘दाने पे दाना.’ जैसे कई मशहूर गानों की गायिका खश्क ने कहा है कि वह अब शोबिज छोड़ रहीं हैं.

शाजिया ने कहा कि उन्होंने सिंगिंग छोड़ने का फैसला इसलिए किया क्योंकि वह अब अपनी जिंदगी पूरी तरह से इस्लामी शिक्षा के अनुरूप जीना चाहती हैं. उन्होंने कहा, “मैं फैसला कर चुकी हूं. मुझे अब अपनी बाकी की जिंदगी इस्लाम की सेवा में बितानी है.”

उन्होंने अब तक उनका समर्थन करने के लिए प्रशंसकों को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके ताजा फैसले का भी प्रशंसक समर्थन करेंगे. उन्होंने कहा कि वह अपने फैसले को नहीं बदलेंगी और शोबिज में वापस कदम नहीं रखेंगी.

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रिपोर्ट में कहा गया है कि सिंध से ताल्लुक रखने वाली शाजिया ने सिंधी के साथ-साथ उर्दू, पंजाबी, बलोची, सराइकी और कश्मीरी भाषाओं में भी गीत गाए. वह दुनिया के 45 देशों में अपने शो कर चुकी हैं. उनकी पहचान एक सूफी गायिका के साथ-साथ एक सिंधी लोक कलाकार के रूप में भी रही है.

इससे पहले बॉलीवुड अभिनेत्री जायरा वसीम ने धर्म के चलते अभिनय की दुनिया को छोड़ने का फैसला लिया था. साल 2016 में जायरा ने ‘दंगल’ से बॉलीवुड में कदम रखा था और फिल्म ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ में उन्हें उनके काम के लिए बहुत सराहा गया. 

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