इन्फ्लुएंसर्स के वीडियो देखकर खरीदते हैं स्किनकेयर प्रोडक्ट्स

सोशल मीडिया अब हमारी जिंदगी में ऐसे घुल-मिल चुका है कि अब हम सेल्फ केयर और ब्यूटी के लिए भी रील्स और इंफ्लूएंसर्स के वीडियो पर भरोसा करते हैं। लेकिन रील्स में दिखने वाला ग्लोइंग स्किन का नुस्खा आपकी स्किन के लिए सही है या नहीं, कभी इस बारे में सोचा है?
इस बारे में डॉ. गौरव गर्ग (कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट, हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन एंड डर्मेटो-सर्जन, डर्मालाइफ स्किन एंड हेयर क्लीनिक, नई दिल्ली) बताते हैं कि इंटरनेट पर मिलने वाली हर जानकारी सही नहीं होती है। इसलिए सोशल मीडिया का हर ब्यूटी ट्रेंड आजमाना आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है।
ट्रेंड्स की चमक के पीछे छिपा जोखिम
सोशल मीडिया पर स्किनकेयर रूटीन किसी डॉक्टर की सलाह के बजाय इंफ्लूएंसर्स के जरिए तेजी से फैलते हैं। रिसर्च के अनुसार, जब हम अपनी त्वचा की असल जरूरतों को समझे बिना कई प्रोडक्ट्स का एक साथ इस्तेमाल करना शुरू करते हैं, तो यह त्वचा की नेचुरल स्किन बैरियर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके कारण चेहरे पर रेडनेस, मुहांसे और जलन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। जो प्रोडक्ट किसी एक व्यक्ति के लिए जादुई काम कर रहा है, वह आपकी सेंसिटिव स्किन के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का गलत मिश्रण
वायरल ट्रेंड्स अक्सर पावरफुल एक्टिव्स इंग्रीडिएंट्स जैसे रेटिनोइड्स और एसिड्स के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। लेकिन बिगिनर्स को कितनी मात्रा में शुरू करना चाहिए, किन इंग्रीडिएंट्स को साथ मिलाना नुकसानदेह हो सकता है या इस्तेमाल का सही तरीका क्या है, इस बार में बात नहीं करते। ऐसे में अधूरी जानकारी के कारण वह स्किनकेयर प्रोडक्ट आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।
AHA/BHA और रेटिनॉइड्स का इस्तेमाल हमेशा धीरे और कम मात्रा में शुरू करना चाहिए। साथ ही, इनका इस्तेमाल एक साथ करने से स्किन डैमेज हो सकती है। साथ ही, जरूरी नहीं कि जो प्रोडक्ट आपके फेवरेट इंफ्लूएंसर को पसंद आया है वह आपकी स्किन के लिए भी सही हो। सभी की स्किन अलग होती है और जरूरतें भी।
घरेलू नुस्खे हमेशा सुरक्षित नहीं
इंटरनेट पर DIY या घरेलू नुस्खों की भरमार है। लोग अक्सर नींबू के रस या बेकिंग सोडा को चेहरे पर लगाने की सलाह देते हैं, लेकिन इनसे स्किन को नुकसान भी हो सकता है।
नींबू का रस- यह त्वचा के प्राकृतिक pH स्तर को बिगाड़ देता है, जिससे त्वचा धूप के प्रति बहुत सेंसिटिव हो जाती है।
बेकिंग सोडा- यह त्वचा की कोमलता को खत्म कर उसे रूखा और बेजान बना देता है।
इसलिए किसी भी DIY हैक को ट्राई करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले लें कि यह आपकी स्किन के लिए सही है या नहीं।
फिल्टर्स की चकाचौंध
सोशल मीडिया पर दिखने वाली फ्लॉलेस स्किन अक्सर फॉर्मूला से नहीं, बल्कि फिल्टर और लाइटिंग से बनी होती है। इन झूठे पैमानों का पीछा करने के चक्कर में लोग महंगे गैजेट्स और ढेरों प्रोडक्ट्स खरीद लेते हैं। ज्यादा लेयरिंग न केवल त्वचा को स्ट्रेस देती है, बल्कि जब नतीजे जैसा सोचा था वैसा न मिले, तो व्यक्ति के आत्मविश्वास में भी कमी आने लगती है।
सही स्किनकेयर के नियम
एक स्वस्थ त्वचा के लिए सिंपल स्किनकेयर रूटीन की जरूरत होती है।
क्लींजिंग- दिन में दो बार जेंटल क्लींजर से अपना चेहरा साफ करें।
मॉइस्चराइजिंग- त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए अपनी स्किन टाइप के हिसाब से मॉइश्चराइजर लगाएं।
सनस्क्रीन- अगर आप सनस्क्रीन नहीं लगा रहे हैं, तो आपका स्किनकेयर बर्बाद हो रहा है। इसलिए रोजाना सनस्क्रीन लगाना जरूरी है।





