इंस्पेक्टर व दो दरोगाओं की करतूत से शर्मसार हुई खाकी…

दिवाली से पहले करोबार के सिलसिले में परिवार के साथ लखनऊ आए आगरा के कमलानगर निवासी सराफा कारोबारी विशाल जैन को मड़ियांव थाने के पुलिसकर्मियों ने वाहन चेकिंग में रोका। विशाल की कार में 35 किलो चांदी का सामान व नगदी थी। पुलिसकर्मी इसे चोरी का बताते हुए उन्हें चौकी ले गए। वहां डरा-धमकाकर साढ़े तीन लाख रुपये वसूलने के बाद छोड़ दिया।
आगरा जाकर विशाल ने पुलिस अफसरों को पूरे मामले की जानकारी दी तो हड़कंप मच गया। जांच एसपी विधानसभा राहुल मिठास को सौंपी गई। जांच में दोषी पाने पर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, दरोगा दलवीर सिंह और आफताब आलम को बृहस्पतिवार रात एसएसपी कलानिधि नैथानी ने तीनों को लाइन हाजिर कर दिया।
एसएसपी का कहना है कि तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए सराफा को लखनऊ बुलाया गया है। केस दर्ज होते ही तीनों को सस्पेंड करने की कार्रवाई की जाएगी। विशान ने बताया कि वे कारोबार करने आए थे, लेकिन पुलिस ने उसे चोरी का माल बताकर थाने ले जाकर डराया-धमकाया। परिवार साथ में था, इसलिए वे घबरा गए। पुलिस ने मौके का फायदा उठाकर विशाल को छोड़ने के बदले में साढ़े तीन लाख रुपये वसूले। विशाल को आरोपी पुलिसकर्मियों की फोटो दिखाईं तो उन्होंने पहचान लिया।





