आशा वर्कर्स की हड़ताल पर बोले राहुल गांधी – सरकार गूंगी तो थी ही, अब शायद अंधी-बहरी भी

नई दिल्ली। देश की करीब 6 लाख आशा वर्कर्स विभिन्न मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आशा वर्कर्स के मुद्दों पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ‘आशा कार्यकर्ता सही मायने में हेल्थ वॉरियर्स हैं, लेकिन वे आज अपने हक के लिए हड़ताल करने पर मजबूर हैं।’ राहुल गांधी ने कहा कि ‘सरकार गूंगी तो थी ही, अब शायद अंधी-बहरी भी है।’ इसे लोगों की समस्याएं दिखती ही नहीं।
राहुल गांधी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, ‘आशा कार्यकर्ता देशभर में घर-घर तक स्वास्थ्य सुरक्षा पहुँचाती हैं। वो सच मायने में स्वास्थ्य वॉरीयर्स हैं लेकिन आज ख़ुद अपने हक़ के लिए हड़ताल करने पर मजबूर हैं। सरकार गूँगी तो थी ही, अब शायद अंधी-बहरी भी है।’
उल्लेखनीय है कि आशा आशा वर्कर्स अपनी मांगों को लेकर सात अगस्त से हड़ताल पर हैं। आशा वर्कर्स की मांग है कि उन्हें बेहतर और समय पर वेतन मिले, और एक कानूनी स्थिति जो न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करे, ताकि जिस तरह वो देश के पिछड़े और पहुंच से दूर इलाकों में जाकर अधिकारियों की मदद कर रही हैं वो जारी रख सके। आशा वर्कर्स की इस हड़ताल को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का समर्थन मिल रहा है।





