आर्वी अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही करने का लगा आरोप…

आर्वी अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगा है। हीरा नगर निवासी सरोज यादव ने जिला स्वास्थ्य विभाग व उपायुक्त और मुख्यमंत्री को शिकायत दी है कि कि 18 मई की सुबह करीब साढ़े तीन बजे उनके पति विकास यादव की तबीयत खराब हुई, तो सिविल लाइन स्थित आर्वी अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां पर डॉ. विक्रम यादव ने बताया कि सब ठीक है। 19 मई को डॉ. विक्रम यादव ने इंडोस्कोपी की बात करते हुए 30 हजार की रकम जमा करवाई और 20 मई की सुबह डॉक्टर ने बताया कि सब ठीक है। फिर शाम को विकास को दूसरे अस्पताल में रेफर करने की बात कही। डॉक्टर ने कहा कि वह फोर्टिस अस्पताल रेफर किया जा रहा है और फोर्टिस अस्पताल में बात हो गई है। रेफर करने के साथ एक लाख का बिल थमा दिया गया।

सरोज ने कहा कि जब मरीज को लेकर फोर्टिस अस्पताल लेकर पहुंचे, तो पता चला कि डॉ. विक्रम यादव की किसी से बात नहीं हुई। इसके बाद मरीज को पारस अस्पताल में लेकर गए। यहां डॉक्टरों ने विकास का दायां हाथ काटने की बात कही। इलाज के दौरान कुछ सुधार हुआ। लेकिन 30 मई को हालत बिगड़ने लगी। इसी दिन इलाज के दौरान विकास की मौत हो गई।

मृतक विकास यादव के भाई नीरज यादव का आरोप है कि डॉ. विक्रम यादव ने उनसे बहुत से बातें इलाज के दौरान छिपाई। केस खराब होने पर उसको रेफर कर दिया। समय रहते सही इलाज मिलता तो उनका भाई बच गया होता। अब स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने शिकायत पर मृतक व डॉक्टर को 10 जून को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है। जांच कमेटी के अध्यक्ष डॉ. संजय नरुला ने कहा कि आर्वी अस्पताल से मरीज का इलाज रिकॉर्ड मंगवाया गया है जांच की जाएगी और इस के बाद कुछ कहा जा सकेगा।

Back to top button