आरएसएस समन्वय बैठक का दूसरा दिन आज, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और पंच परिवर्तन एजेंडे में शामिल

आरएसएस की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक का आज दूसरा दिन है। बैठक के पहले दिन जाति, भाषा और प्रांत के नाम पर भेदभाव को देश की एकता के लिए खतरा बताते हुए समाज से इसे दूर रखने का आह्वान किया गया था।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक जोधपुर में जारी है। आज बैठक के दूसरे दिन विभिन्न अहम विषयों पर चर्चा होनी है। गौरतलब है कि कल से शुरू हुई बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक विकास और पंच परिवर्तन पर विशेष सत्र आयोजित किए गए थे।

बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के साथ विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता पार्टी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राष्ट्र सेविका समिति, सक्षम, पूर्व सैनिक सेवा परिषद, वनवासी कल्याण आश्रम और सीमा जागरण मंच सहित 32 संगठनों के अखिल भारतीय पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।

कल उद्घाटन सत्र में भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ था। परिसर में रानी अबक्का द्वार और हल्दीघाटी द्वार की ऐतिहासिक झलकियों के साथ सभागार का निर्माण किया गया है। मीरा बाई और अमृता देवी बिश्नोई के बलिदान को रंगोली और चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

बैठक के पहले दिन संघ ने जाति, भाषा और प्रांत के नाम पर भेदभाव की प्रवृत्तियों को देश की एकता के लिए खतरनाक बताते हुए समाज से इनसे दूर रहने का आह्वान किया। यह समन्वय बैठक 7 सितंबर को अनुभवों के आदान-प्रदान और आगामी कार्ययोजना तय करने के साथ संपन्न होगी।

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