देश के 70वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को सैकड़ों पुलिसकर्मियों व अन्य सुरक्षा बलों के जवानों को उनकी वीरता के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में जहां मरणोपरांत राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक पाने वाले सीआरपीएफ के तीन कांस्टेबल मोहम्मद यासीन, बी. दिनेश और जसवंत सिंह शामिल रहे, वहीं अपनी जान गंवाकर दूसरों की सुरक्षा करने वाले 8 सामान्य नागरिकों को भी सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, 146 जवानों को राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक, 74 को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और 632 जवानों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। पुलिस वीरता पदक पाने वालों में सबसे ज्यादा 41 जवान सीआरपीएफ के रहे, जबकि ओडिशा पुलिस के 26, जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए 25, छत्तीसगढ़ पुलिस के 14, मेघालय पुलिस के 13, उत्तर प्रदेश पुलिस के 10, बीएसएफ के 8, दिल्ली पुलिस के 4, झारखंड पुलिस के 3 और असम राइफल्स व आईटीबीपी का 1-1 जवान शामिल हैं। आईटीबीपी के 15 अन्य जवानों व अधिकारियों को भी अनुकरणीय सेवाओं के लिए पदक देकर सम्मानित किया गया।
इनके अलावा 86 जवानों को फायर सर्विस पदक भी दिए गए। इनमें 15 को साहस के लिए राष्ट्रपति फायर सर्विस पदक, 14 को वीरता के लिए फायर सर्विस पदक, 7 को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति फायर सर्विस पदक और 5 को अनुकरणीय सेवा के लिए फायर सर्विस पदक दिया गया। गृह मंत्रालय के मुताबिक, 8 जवानों को राष्ट्रपति होमगार्ड व सिविल डिफेंस पदक और 50 जवानों को विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा।
48 लोगों को मिलेंगे जीवन रक्षा पदक
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को घोषणा की कि इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर 48 लोगों को जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार किसी की जान बचाने के लिए की गई अनुकरणीय सेवा या कार्य के लिए दिया जाता है। मंत्रालय के मुताबिक, महाराष्ट्र के दो बच्चों चेतन कुमार निषाद और प्रथमेश विजय वाडेकर समेत 8 लोगों को मरणोपरांत सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया जाएगा, जबकि दिल्ली के दो बच्चों करन व दीपांशु समेत 15 लोगों को उत्तम जीवन रक्षा पदक दिया जाएगा। इनके अलावा गाजियाबाद में एक बच्चे की जान बचाने वाले सीआईएसएफ जवान सुशील भोई और उत्तर प्रदेश के दो भाइयों ध्रुव लव व माधव लव समेत कुल 25 लोगों को जीवन रक्षा पदक से पुरस्कृत किया जाएगा।
जनरल रावत को पीवीएसएम, दो को कीर्ति चक्र
देश के सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन सिंह रावत समेत 19 सेनाधिकारियों को परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम) से सम्मानित किया जाएगा, जो शांतिकाल सेवा के लिए सर्वोच्च सैन्य पदक माना जाता है। पीवीएसएम पाने वालों में जनरल रावत के अलावा 15 लेफ्टिनेंट जनरल और 3 मेजर जनरल शामिल हैं। इसके अलावा जाट रेजीमेंट के मेजर तुषार गाबा और 22 राष्ट्रीय राइफल्स के सवार विजय कुमार (मरणोपरांत) को देश के तीसरे सर्वोच्च वीरता सम्मान (शांतिकाल) कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाएगा। सेना के 9 अन्य अधिकारियों को शौर्य चक्र दिया जाएगा।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि देश के संसाधनों पर सभी का हक
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 70वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में जहां जनता से लोकसभा चुनावों में मतदान के ‘पवित्र काम’ में बढ़ चढ़कर भाग लेने की अपील की, वहीं यह भी कहा कि देश के संसाधनों पर सभी समूहों, समुदायों और सभी क्षेत्रों का बराबर हक है। उन्होंने विविध संस्कृति को ही भारत की ताकत बताते हुए कहा कि हमारी बहुलता, लोकतंत्र और विकास पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल की तरह है। राष्ट्रपति ने जनता को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी नागरिकों के लिए स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के आदर्शों के प्रति अपनी आस्था को दोहराने का अवसर है और इन सबसे बढ़कर हमारा गणतंत्र दिवस, हम सबके भारतीय होने के गौरव को महसूस करने का भी अवसर है।