आखिर क्यों थी ? इस महिला की ऐसी आखिरी ख्वाहिश, आप भी सोचने पर हो जाएंगे मजबूर

हम सभी ने पुरानी फिल्मों में देखा है कि फांसी देने से पहले अपराधी से उसकी अंतिम इच्छा पूछी जाती थी और जब अपराधी इच्छा बताता तो उसकी आखिरी ख्वाहिश पूरी कर दी जाती थी। ऐसे ही पहले के समय में जब लोग मरते थे तो उनके इच्छानुसार जरुरत का सामान उनके साथ ही दफना दिया जाता था। ताकि वह ऊपर जाकर इसका इस्तेमाल कर सके। अब आप सोच रहे होंगे कि हम आपको ये सब कुछ क्यों बता रहे हैं।

दरअसल, एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप हैरान भी हो सकते हैं और दुखी भी हो सकते हैं। यूनाइटेड स्टेट्स के वर्जिनिया में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां आपको मौत, जिंदगी, जिद और इच्छाओं का कॉकटेल देखने को मिलता है। एक महिला ने ऐसी अंतिम इच्छा जताई की उसकी ख्वाहिश पूरी करने के लिए दूसरे के जिंदगी खत्म करनी पड़ी।

वर्जिनिया में एक महिला के पास एमा नाम का कुत्ता था। और दोनों अच्छे से गुजर-बसर कर रहे थे। पर जब महिला की मौत हुई तो उसने अपनी आखिरी इच्छा जताई थी कि उसके साथ उसके कुत्ते को भी दफना दिया जाए। हालांकि कुत्ता एकदम स्वस्थ जी रहा था।
इसके बाद पशु प्रेमी संस्थाओं ने कुत्ते के अधिकार की लड़ाई लड़नी शुरू की। उनका कहना था कि जब कुत्ता स्वस्थ जी रहा है तो इस महिला के साथ दफनाने के लिए क्यों मारना चाहिए। पर वर्जिनिया का कानून बिल्कुल अलग है। यूरोप के कई देशों में कुत्ते को निजी संपत्ति माना जाता है। इस वजह से मालिक जो चाहे वो कुत्ते के साथ कर सकता है। और इसी कारण कानून के मुताबिक मालिक को ये अधिकार है कि उसके मरने के बाद कुत्ते को भी दफनाया जा सकता है।
ऐसा भी नहीं है कि मालिक जब चाहे कुत्ते को मार सकता है। इसके लिए पूरी प्रक्रिया है। कुत्ते का मालिक किसी जानवर वाले डॉक्टर से सर्टिफिकेट लेगा। जिसमें कुत्ते को मारे जाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे की उस कुत्ते का क्या हुआ। दरअसल उस कुत्ते को पहले मार दिया गया फिर उसे उसकी मालकिन के साथ दफना दिया गया।





