जयपुर।रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन के लिए अंतिम दिन रियल एस्टेट रेग्यूलेरेटी एक्ट (रेरा) की वेबसाइट में शेयर बाजार की तरह उछाल आया। प्रदेश में एक मई से रेरा लागू हो गया था। शुक्रवार तक जहां रजिस्ट्रेशन के लिए कुल आवेदन 50 से भी कम थे वहीं सोमवार को 150 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स ने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया। सोमवार को प्रदेश के 150 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स ने रेरा रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया।
दो दिन पहले तक सिर्फ 55 प्रोजेक्ट ने ही रेरा में आवेदन कर रखा था जबकि सोमवार को कुल आवेदनों की संख्या 283 के पार पहुंच गई है। इनमें से 126 प्रोजेक्ट्स ने अपने डाक्यूमेंट की हार्डकॉपी भी रेरा में जमा करवा दी है। प्रदेश में एक मई से रेरा लागू कर दिया गया था। इस अवधि से पहले से निर्माणाधीन परियोजनाओं को रेरा में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया गया था।
रेरा कानून के मुताबिक एक मई से पहले से चल रहे प्रोजेक्ट 31 जुलाई तक रेरा में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाते हैं तो एक अगस्त से वे अपने प्रोजेक्ट में न तो बुकिंग ले पाएंगे और न ही उसका प्रचार कर सकेंगे। अगर कोई प्रोजेक्ट ऐसा करता है तो उस पर अथॉरिटी प्रोजेक्ट लागत का 10 प्रतिशत तक जुर्मान लगा सकती है। हालांकि, 31 जुलाई के बाद भी ऑनगाइंग प्रोजेक्ट्स अपना रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। बिना रजिस्ट्रेशन वाले ऑनगोइंग प्रोजेक्ट के निर्माण नहीं सिर्फ सेल करने पर ही रोक है।
सबसे ज्यादा हाउसिंग बोर्ड के प्रोजेक्ट
हाउसिंग बोर्ड ने आखिरी दिन 30 प्रोजेक्ट्स को रेरा में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आवेदन किया। इसके कोटा यूआईटीज ने भी अपने 6 प्रोजेक्ट रेरा में रजिस्टर करवाने के लिए वेबसाइड पर आवेदन अपलोड कर दिए हैं। कपूर ने बताया कि अंतिम दिन बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं अथॉरिटी इन्हें प्रोसेस करने के बाद रोज करीब 15-20 आवेदनों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी करेगी।एक मई के बाद प्रदेश में जो भी प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं उनके लिए पहले रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है।
रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ाने से इंकार
रेरा की ओर से रजिस्ट्रेशन समय सीमा एक महीने और बढ़ाने के लिए डवलपर्स एसोसिएशन क्रेडाई ने सोमवार को ही रेरा चेयरमैन आईएएस मुकेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा, उन्होंने रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ाने से इंकार कर दिया है। क्रेडाई का कहना था कि सरकार के स्तर पर वेबसाइट लांच करने में एक महीने की देरी की गई इसलिए रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। लेकिन रेरा के रजिस्ट्ररार प्रदीप कपूर का कहना है जब तक वेबसाइट लांच नहीं हुई थी तब तक ऑफ लाइन आवेदन लिए जा रहे थे।