तखतगढ़ (पाली).भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी)जालोर की टीम ने गुरुवार दोपहर तखतगढ़ नगर पालिका के पार्षद केसाराम मेघवाल व मुकेश कुमार जीनगर को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। दोनों पार्षद सत्तारूढ़ भाजपा से हैं, जो अपनी ही पार्टी की पालिकाध्यक्ष रंजना घांची के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी देकर पालिकाध्यक्ष के पति को ब्लैकमेल कर रहे थे। आरोपियों ने यूं तो तीन-तीन लाख रुपए की मांग की थी, लेकिन आखिरकार सौदा डेढ़-डेढ़ लाख रुपए में तय हुआ। पालिकाध्यक्ष के पति ने एसीबी जालोर चौकी के डीएसपी अन्नराज राजपुरोहित को इसकी शिकायत की। दोनों आरोपी पार्षदों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
– एसीबी जालोर चौकी के डीएसपी अन्नराज राजपुरोहित ने बताया कि तखतगढ़ नगर पालिका में भाजपा बोर्ड में रंजना घांची अध्यक्ष हैं, जिसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी देकर वार्ड संख्या 15 के पार्षद मुकेश कुमार जीनगर व वार्ड संख्या 16 के पार्षद केसाराम मेघवाल पिछले काफी समय से रिश्वत की मांग कर रहे थे।
– दोनों पार्षदों का कहना है कि उनके पास चार-पांच और पार्षद हैं। दोनों ने पालिकाध्यक्ष के पति रमेश घांची से अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाने की एवज में तीन-तीन लाख रुपए की रिश्वत मांगी, लेकिन बाद में सौदा डेढ़-डेढ़ लाख रुपए में तय हुआ। बुधवार को पालिकाध्यक्ष के पति ने जालोर एसीबी चौकी में इसकी शिकायत की, जिसके सत्यापन के बाद एसीबी ने गुरुवार को ट्रैप कार्रवाई की|
रुपए लेकर होटल में बुलाया, एसीबी ने दोनों को धर दबोचा
दोनों आरोपी पार्षदों ने रिश्वत के तीन लाख रुपए लेकर गुरुवार दोपहर 1 बजे पालिकाध्यक्ष के पति रमेश घांची को तखतगढ़ में जालोर चौराहा स्थित होटल शिवम में बुलाया। एसीबी ने दो-दो हजार रुपए के नोट पर विशेष केमिकल लगा डेढ़-डेढ़ लाख रुपए की दो गड्डियां पालिकाध्यक्ष को दी, जो उसने होटल में पहुंच दोनों पार्षदों को थमा दी। आरोपी पार्षदों ने रिश्वत की यह राशि अपने पेंट की जेब में डाल दी, जिसे एसीबी ने बरामद कर लिया।
दोनों की उम्र 35 साल से कम, पहली बार पार्षद बने दोनों
तखतगढ़ नगर पालिका में 20 अगस्त, 2015 को रंजना अध्यक्ष बनी थी। मेघवाल का बास निवासी केसाराम (35) और मुकेश कुमार जीनगर (33) भी पहली बार भाजपा के टिकट पर पार्षद बने। दोनों पालिकाध्यक्ष के पति के बहुत करीबी थे। लेकिन बार-बार रुपए मांगने से नाराज होकर रमेश ने दोनों को एसीबी के हाथों ट्रैप करवा दिया।
तीन बार फोन किए, एसीबी टेप कर रही थी, होटल में ही पकड़ा
पहला फोन सुबह 9 बजे :क्या हुआ रुपयों का इंतजाम हुआ या नहीं। पालिकाध्यक्ष के पति ने कहा बैंक से निकाल कर 11 बजे दे दूंगा।
दूसरा फोन 11 बजे- अभी तक रुपए नहीं आए क्या, जल्दी करो ना क्यों लेट कर रहो हो
तीसरा फोन दोपहर 12 बजे : रुपये नहीं दिए तो सुमेरपुर जैसी नौबत आ जाएगी, फिर हमें दोष मत देना। परिवादी पार्षदों के बताए होटल में पहुंचा।
मुंबई घुमाया, महंगे मोबाइल भी दिए, फिर भी ब्लैकमेल कर रहे थे -चेयरमैन पति
तखतगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष रंजना घांची के पति रमेश कुमार घांची उर्फ पारस घांची ने एसीबी को बताया कि उक्त दोनों पार्षद पिछले काफी समय से रुपये देने की मांग कर रहे थे। दोनों को संतुष्ट रखने के लिए रमेश कुमार ने उन पर काफी खर्चा भी किया। दोनों पार्षदों को रमेश कुमार ने मुंबई की सैर कराई और वहां उनको खरीददारी भी कराई। दोनों को मंहगे मोबाइल भी गिफ्ट किए गए, लेकिन इसके बाद भी वे अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकियां देने लगे।
जिले में पहली बार पार्षद रिश्वत लेते पकड़ा, 2013 में जैतारण पालिकाध्यक्ष हुए थे गिरफ्तार
पाली जिले में एसीबी के हाथों रिश्वत लेते हुए पार्षद की गिरफ्तारी का यह पहला मामला है। इससे पहले जैतारण में 2013 में पालिकाध्यक्ष एसीबी के हाथों ट्रेप हुए थे।
पाली, जालोर व सिरोही के ज्यादातर निकाय, पंचायतीराज संस्थाओं में पनप रहा अाक्रोश
सुमेरपुर नगर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ भी उन्हीं की पार्टी के पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने का मोर्चा खोल रखा है। तखतगढ़ में यह मामला सामने आया। दो साल पूर्व हुए चुनावों में ज्यादातर निकाय और पंचायतीराज संस्थाआें में सत्तारूढ़ पार्षद व सदस्य ही असंतुष्ट हैं।
एसीबी कार्रवाई से कुछ हद तक भय पैदा होगा जनप्रतिनिधियों में, लेकिन बढ़ सकता है पार्टी के खिलाफ अंदरूनी आक्रोश
इस कार्रवाई से शुरुआत में अन्य निकायों में भी पनप रहा आक्रोश मामूली कंट्रोल तो हो सकता है लेकिन इस कार्रवाई से जनप्रतिनिधियों में आक्रोश बढ़ने का अंदेशा ज्यादा है। हो सकता है अन्य निकायों में भी आगामी दिनों में ऐसी घटनाएं बढ़े।
सुमेरपुर में भी बगावत पर उतरे हैं भाजपा के ही पार्षद
गत 19 सितम्बर को सुमेरपुर नगरपालिका को उपाध्यक्ष रमेशकुमार राखेचा के नेतृत्व में 19 पार्षद सुमेरपुर नगरपालिका अध्यक्ष जोराराम कुमावत के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर पाली जिला कलक्टर से मिले थे। इनमें ज्यादातर भाजपा के ही थे। मामले में उपाध्यक्ष रमेश राखेचा ने कहा था कि जब बोर्ड का गठन हुआ था तो विधायक मदन राठौड़ और अध्यक्ष के साथ बैठकर में यह तय हुआ कि ढाई साल तक जोराराम अध्यक्ष रहेंगे और ढाई साल तक वे अध्यक्ष रहेंगे।
पाली में भाजपा समर्थित पार्षद ने खोला मुंह
पाली में भाजपा के पार्षद किशोर सोमनानी ने नगर परिषद को फेसबुक पर दी चेतावनी में कहा है कि मत लो मेरे सब्र का इम्तिहान। सोमनानी वार्ड 33 के निर्दलीय के रुप में पार्षद बने थे, जो भाजपा से जुड़े हुए हैं। सोमनानी पिछले 5 दिनों से नगर परिषद आयुक्त इंद्रसिंह राठौड़ से हाउसिंग बोर्ड में असूचंड महोत्सव कार्यक्रम में झांकी के लिए 3 ट्रैक्टर लगाने के लिए मांग कर रहे थे। आयुक्त सोमनानी को आश्वासन देते रहे। लेकिन ट्रैक्टर नहीं पहुंचे।