अलास्का में ट्रंप-पुतिन की मुलाकात से पहले ज़ेलेंस्की का अल्टीमेटम

यूक्रेन के मसले पर कोई एकतरफा सौदा नहीं होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलास्का में मुलाकात करेंगे। इससे पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति जलेंस्की और ईयू के नेता ने एकतरफा शांति समझौते से साफ इनकार कर दिया है।

सीएनएन की खबर के मुताबिक, जर्मन चांसलर फ्रीड्रिख मर्ज ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और कई यूरोपीय नेताओं के साथ एक वर्चुअल समिट की, जिसमें यह डर जताया गया कि रूस ट्रंप को अपने हक में शर्तें मनवाने के लिए प्रभावित कर सकता है।

इस समिट में यूक्रेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, फिनलैंड, नाटो और यूरोपीय संघ के नेता शामिल हुए। इसके बाद जेलेंस्की और जर्मन चांसलर ने बुधवार को बर्लिन में पत्रकारों से बात की।

सूत्रों के हवाले से पता चला कि ट्रंप ने बिना शर्त युद्धविराम की बात कही और इसे रूस की ओर से सद्भावना का कदम बताया है।

पांच साझा सिद्धांतों पर सहमति

जेलेंस्की ने बताया कि समिट में नेताओं ने अलास्का में होने वाली वार्ता के लिए “पांच साझा सिद्धांत” तय किए। इनमें युद्धविराम और “विश्वसनीय” सुरक्षा गारंटी पर जोर दिया गया।

जेलेंस्की ने कहा, “यूक्रेन से जुड़ा हर मसला सिर्फ यूक्रेन के साथ ही तय होगा। हमें त्रिपक्षीय वार्ता की तैयारी करनी होगी। सबसे पहले युद्धविराम जरूरी है।”

रूस पर सख्ती की जरूरत

जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि अगर शुक्रवार तक युद्धविराम पर सहमति नहीं बनी, तो रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को और सख्त करना होगा। उन्होंने कहा, “शांति की कोशिशों के साथ-साथ रूस पर दबाव बनाए रखना जरूरी है।”

इस बीच, अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने “कोएलिशन ऑफ द विलिंग” की एक बड़ी बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें इस मसले पर और चर्चा हुई। अलास्का में होने वाली यह मुलाकात अब यूक्रेन-रूस तनाव के लिए अहम मोड़ साबित हो सकती है।

Back to top button