अरविंद केजरीवाल के खिलाफ विधानसभा में भाजपा का प्रदर्शन, दो बार सदन स्थगित

विधानसभा में मंगलवार को आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भाजपा विधायकों ने प्रदर्शन किया। स्कूलों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। सदन दोपहर बाद चल पाया।

भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली के स्कूलों और शिक्षकों से जुड़े मामले में जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं। केजरीवाल सोशल मीडिया के जरिए तथ्यहीन बातें फैला रहे हैं और दिल्लीवासियों को गुमराह कर रहे हैं। भाजपा ने मांग की कि केजरीवाल इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। हंगामे के चलते पहली बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद दोपहर में जब सदन दोबारा बैठा, तब भी वही हालात बने रहे। इस दौरान आम आदमी पार्टी प्रदूषण के मुद्दे पर आक्रामक दिखी, जबकि भाजपा विधायक केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। स्थिति बिगड़ने पर सदन को दूसरी बार स्थगित करना पड़ा। लंच ब्रेक के बाद कार्यवाही सामान्य रूप से शुरू हो सकी।

आशीष सूद ने केजरीवाल को लिखा पत्र
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर माफी की मांग की है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल न सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री हैं, बल्कि आप पार्टी के प्रमुख और एक पूर्व ब्यूरोक्रेट भी रह चुके हैं। ऐसे में स्कूल शिक्षकों और कुत्तों से जुड़े मुद्दे पर बिना तथ्यों के बयान देना बेहद निंदनीय है।

राष्ट्रविरोधियों के साथ खड़ी आप – सूद
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शर्जिल इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज होने पर आप सांसद संजय सिंह का अदालत के फैसले से असहमति जताना आप पार्टी और केजरीवाल के नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके मुताबिक, राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े लोगों का समर्थन करना आम आदमी पार्टी की राजनीति को संदिग्ध बनाता है।

विधानसभा से आम आदमी पार्टी को दोहरा झटका
दिल्ली विधानसभा से आम आदमी पार्टी को एक साथ दो बड़े झटके लगे हैं। एक ओर फांसी घर विवाद में विशेषाधिकार समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत चार नेताओं पर कार्रवाई की मांग की है, तो दूसरी ओर उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान आप विधायकों पर हुई कार्रवाई के बाद नेता विपक्ष आतिशी के दिये मीडिया में बयानों को लेकर विशेषाधिकार समिति को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने आतिशी के इन बयानों को अपरिपक्व बताया है। साथ ही उन्हें चेतावनी दी गई है कि आगे से मीडिया में ऐसे भ्रामक बयान देने से बचें। एक ही सत्र में दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई और जांच के आदेश से आम आदमी पार्टी की सियासी मुश्किलें विधानसभा के भीतर और बढ़ती दिख रही हैं।

आप नेताओं के शिक्षकों से जुड़े बयान की शिक्षा समिति करेगी जांच
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों से जुड़े बयान की जांच के लिए मामला विभागीय स्थायी समिति को सौंपा गया है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष आतिशी के उस दावे को भी सिरे से खारिज किया है, जिसमें उन्होंने विधायकों के निलंबन को मास्क पहनने से जोड़ा था।

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन में बताया कि भाजपा विधायक अजय महावर से उन्हें एक शिकायत मिली थी। शिकायत में कहा गया कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, विधायक संजीव झा और अन्य आप नेता मीडिया के जरिये यह आरोप लगा रहे हैं कि दिल्ली सरकार ने सरकारी शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती करने का आदेश दिया है। स्पीकर ने कहा कि दिल्ली सरकार इस दावे का कई बार खंडन कर चुकी है और स्पष्ट कर चुकी है कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे डिपार्टमेंट रिलेटेड स्टैंडिंग कमेटी ऑन एजुकेशन को सौंपा जा रहा है। यह समिति पूरे प्रकरण की जांच कर जल्द अपनी रिपोर्ट सदन में पेश करेगी। इसके बाद वे उचित कदम उठाएंगे।

आतिशी के बयानों पर भी कड़ी टिप्पणी
विधानसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी के बयानों पर भी कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आतिशी मीडिया को गुमराह कर रही हैं और सदन की कार्यवाही को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान चार विधायकों संजीव झा, सोम दत्त, कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह को मास्क पहनने के कारण नहीं, बल्कि जानबूझकर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के कारण निलंबित किया गया था। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई विधानसभा की गरिमा, अनुशासन और नियमों के अनुरूप की गई है।

शिक्षकों को कुत्ते गिनने की ड्यूटी का आरोप झूठा : भाजपा
दिल्ली सरकार के स्कूलों के शिक्षकों को कुत्ते गिनने की ड्यूटी पर लगाए जाने के आरोप को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज से अपना बयान वापस लेने, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की गई पोस्ट डिलीट करने और दिल्ली सरकार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटे में अरविंद केजरीवाल ने 30 दिसंबर की अपनी पोस्ट नहीं हटाई तो दिल्ली पुलिस आयुक्त से इस मामले में कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल का राजनीतिक आचरण झूठ और भ्रम फैलाने पर आधारित रहा है और शिक्षकों को कुत्ते गिनने की ड्यूटी पर लगाए जाने से जुड़ा आरोप इसका ताजा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बीते 10–12 दिनों से आम आदमी पार्टी लगातार झूठ फैला रही है। वह कह रही है कि दिल्ली सरकार ने इस संबंध में कोई सर्कुलर जारी किया है, जबकि सरकार ने इस आरोप का तुरंत खंडन कर दिया था। सचदेवा ने कहा कि अब इस झूठ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

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