अयोध्या: राम मंदिर के चारों ओर बनाई जाएगी बाउंड्रीवॉल, डिजाइन को मिली स्वीकृति

अयोध्या राम मंदिर के अंदर बन रहे मंदिरों का निर्माण तेज गति से चल रहा है। इस बीच मंदिर के चारों ओर बनने वाली बाउंड्रीवॉल पर भी सहमति दे दी गई है।
राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य होगी। मंदिर के चारों ओर चार किलोमीटर में बन रही बाउंड्रीवॉल और वॉच टावर के डिजाइन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में बाउंड्रीवॉल के निर्माण कार्य की गति बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले निर्माण कार्यों का एक मॉक ट्रायल भी बाउंड्रीवॉल के उत्तरी दिशा में हुआ।
राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया है कि राम मंदिर की सुरक्षा पूरी तरह अभेद्य होगी। मंदिर परिसर के चारों ओर बनाई जा रही लगभग चार किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवॉल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस बाउंड्रीवॉल में सुरक्षा की दृष्टि से अत्याधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं, जिससे मंदिर की निगरानी और सुरक्षा और अधिक मजबूत हो सके। गेट नंबर 11, जिसे आदि शंकराचार्य द्वार के नाम से जाना जाता है, उसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इस गेट पर आधुनिक सुरक्षा उपकरण भी स्थापित कर दिए गए हैं। इसी सप्ताह इस द्वार को खोल दिया जाएगा। जल्द ही गेट नंबर तीन का निर्माण कार्य भी शुरू किया जाएगा।
बताया कि मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए 25 से अधिक वॉच टावर बनाए जाएंगे, जिनमें आधुनिक तकनीक से लैस उपकरण लगाए जाएंगे। राम मंदिर की सुरक्षा के लिए कई ऐसे उपाय किए जा रहे हैं, जिन्हें गोपनीय रखा जा रहा है। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, निर्माण प्रभारी गोपाल राव सहित कार्यदायी संस्थाओं के इंजीनियर मौजूद रहे।
जल्द शुरू होगी अन्य मंदिरों में दर्शन की सुविधा
श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छी खबर देते हुए राम मंदिर भवन निर्माण समिति अध्यक्ष ने बताया कि सप्त ऋषियों के मंदिर के दर्शन के लिए जल्द ही राम मंदिर ट्रस्ट व्यवस्था करेगा। फिलहाल सुरक्षा कारणों से हर कदम बेहद सावधानी से उठाया जा रहा है, क्योंकि परिसर में अभी भी निर्माण कार्य से जुड़ी कुछ मशीनें सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि इसी माह राम मंदिर ट्रस्ट कुछ निर्णय ले लेगा।
मार्च तक पूरे हो जाएंगे अधिकांश काम
मार्च 2026 तक राम मंदिर से जुड़े सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। कार्यदायी संस्था एलएंडटी और टाटा कंसल्टेंसी की ओर से किए जा रहे निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे होंगे। एलएंडटी और टाटा कंसलटेंसी का भी काम मार्च तक पूरा हो जाएगा। अस्थायी मंदिर को विकसित करने व हुतात्माओं की स्मृति में निर्माणाधीन स्मारक भी मार्च तक पूरा हो जाएगा। यात्रियों के सामान रखने के हॉल का निर्माण भी जल्द पूरा किया जाएगा।
कैंसर अस्पताल के निर्माण पर भी चर्चा
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि अयोध्या में बनने वाले 300 बेड के आधुनिक चिकित्सालय और टाटा फाउंडेशन की ओर से प्रस्तावित कैंसर अस्पताल के निर्माण को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई है। बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष भी शामिल हुए। इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं के साथ अयोध्या के नागरिकों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।





