अमृतसर एयरपोर्ट पर वन्यजीव तस्करी का मामला उजागर

प्रारंभिक जांच में टीम ने पुष्टि की कि बरामद की गई मोर की ट्रॉफी असली है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने ट्रॉफी को नकली और कृत्रिम बताने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारी उसकी दलीलों से सहमत नहीं हुए।

श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अमृतसर पर सीमा शुल्क विभाग ने वन्यजीव तस्करी के एक गंभीर मामले का खुलासा किया है। बैंकॉक से अमृतसर पहुंची थाई लायन एयर की उड़ान संख्या एसएल-214 से आए एक यात्री को राष्ट्रीय पक्षी मोर की असली टैक्सीडर्मी ट्रॉफी के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय वन्यजीव तस्करी गिरोह की ओर संकेत करता है।

सीमा शुल्क अधिकारियों के अनुसार, उक्त उड़ान बुधवार दोपहर करीब 2 बजकर 45 मिनट पर अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरी। सीमा शुल्क प्रक्रिया पूरी करने के बाद जैसे ही संदिग्ध यात्री हरित मार्ग से बाहर निकलने लगा, उसके बैग को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ। एक्स-रे जांच के बाद जब बैग की गहन तलाशी ली गई तो उसके भीतर मोर की टैक्सीडर्मी ट्रॉफी, लकड़ी और अन्य संबंधित सामग्री बरामद की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की टीम को बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में टीम ने पुष्टि की कि बरामद की गई मोर की ट्रॉफी असली है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने ट्रॉफी को नकली और कृत्रिम बताने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारी उसकी दलीलों से सहमत नहीं हुए।

कार्रवाई के दौरान आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे वन्यजीव तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय लोगों तक पहुंचने में अहम जानकारी मिल सकती है।

मोर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में शामिल है। कस्टम विभाग ने आरोपी को सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 110 के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ धारा 135 तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

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