अमरनाथ यात्रियों को बड़ी राहत: सुरक्षा के साथ सहूलियत भी…

अमरनाथ यात्रा के दौरान छह स्थानों के लिए सामान ढोने के लिए स्टैंडिंग पोनी (टट्टू) की सेवा भी ली जा सकेगी। यह टट्टू पोर्टर के साथ उपलब्ध होगा। इसके लिए किराया तय कर दिया गया है। संगम टॉप तक जाने के लिए सबसे ज्यादा चार हजार रुपये चुकाने होंगे। अमरनाथ यात्रा आने वाली तीन जुलाई से शुरू होगी। इस बार यह यात्रा कुल 57 दिन की है। रक्षाबंधन के दिन 28 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा के लिए सुरक्षा बंदोबस्त चाक-चौबंद किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही देश भर से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्री सुविधाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है। ज्यादातर कार्यों को 10 जून से पहले-पहले पूरा करने के लिए कहा गया है। इसी क्रम में श्रद्धालुओं का सामान ढोने के लिए पोर्टर के साथ ही टट्टू भी मुहैया रहेगा। यात्रा अधिकारी और अनंतनाग के उपायुक्त डॉ. बिलाल मोइउद्दीन भट की ओर से इनकी सेवा के लिए किराया सूची जारी की गई है। डीसी डॉ. भट ने आगाह किया है कि अगर किसी अमरनाथ यात्री से किसी सेवा के लिए निर्धारित दर से अधिक किराया लिए जाने की शिकायत मिलेगी तो संबंधित सेवा देने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उसका परमिट भी निरस्त किया जा सकता है।
पुलिस की एमआरटी का हिस्सा हैं टट्टू
श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान छह जगहों के लिए उपलब्ध होने वाले ये टट्टू जम्मू-कश्मीर पुलिस माउंटेन रेस्क्यू टीम (एमआरटी) का खास हिस्सा हैं। किसी भी आपदा के दौरान राहत एवं बचाव अभियानों में इनकी बड़ी भूमिका रहती है। वहीं, प्रशासन यात्रा की तैयारियां पूरी करने में जुटा हुआ है।
सुरक्षा के लिए जम्मू पहुंचने लगीं अर्धसैनिक बलों की कंपनियां
श्री अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा का जिम्मा संभालने के लिए अर्धसैनिक बलों की कंपनियों के जम्मू पहुंचनी शुरू हो गई हैं। रविवार को बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों के जवान जम्मू रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन से जवानों को पुलिस लाइन जम्मू ले जाया गया। यहां से उन्हें ड्यूटी के लिए विभिन्न जिलों व संवेदनशील क्षेत्रों में भेजा जाएगा। श्री अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए इस वर्ष सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
यात्रा मार्ग, आधार शिविरों, लंगर स्थलों, यात्री निवासों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। इसके लिए अर्धसैनिक बलों की 670 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इन कंपनियों में लगभग 70 हजार जवान शामिल होंगे। सुरक्षा बलों की तैनाती चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। आने वाले दिनों में और कंपनियां जम्मू पहुंचेंगी। सभी जवानों को उनकी जिम्मेदारियों व तैनाती स्थलों के बारे में जरूरी ब्रीफिंग भी दी जाएगी।
बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा
इस बार भी यात्रा के दौरान बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, नाकों में वृद्धि, हाईवे सुरक्षा, ड्रोन निगरानी व आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। एजेंसियां यात्रा को लेकर सतर्क हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई है।





