अब धारा 370 पर कश्‍मीर से आई बहुत बड़ी खबर, चारों तरफ मचा बवाल

नई दिल्‍ली। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करने के पहले और बाद में आए दिन दंगे फसाद व पथराव की घटनाएं होने की सूचनाएं आए दिन मिलती रहती हैं। 370 हटाने के बाद से अब तक कश्मीर घाटी में 190 पत्थरबाजी की घटनाएं दर्ज की गई हैं। साथ ही 18 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल 250 लोग अभी भी जेल में हैं।

कश्मीर के अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2019 में अब तक पथराव की कुल 544 घटनाएं हुईं और उनमें से पांच अगस्त से अब तक 190 घटनाएं हुई हैं। वर्ष 2018 में 143, वर्ष 2017 में 136 और वर्ष 2016 में 119 सफल घुसपैठ हुई थीं। अधिकारी ने बताया कि आठ दिसंबर तक जम्मू कश्मीर के 356 लोग जेल में थे और उनमें से 250 पत्थरबाज शामिल हैं। पिछले साल पथराव की घटनाओं की कुल संख्या 802 थीं।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इस वर्ष अक्तूबर तक जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से घुसपैठ की कुल 171 कोशिशें हुईं और इनमें से 114 सफल रहीं। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 59 सफल घुसपैठ कोशिशों में से सात अक्तूबर में, 20 सितंबर में और 32 अगस्त में हुई थीं।

अधिकारियों ने बताया कि नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नेफेड) ने अब तक घाटी से 15.49 लाख मीट्रिक टन सेब की खरीद की है और मार्च-अंत तक कुल 22.5 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है। नेफेड ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान 22.5 लाख मीट्रिक टन सेब की खरीद की हैं।

कश्मीर चैंबर ऑफ ने कहा कि राज्य से अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मरी घाटी में पिछले चार माह में 17, 878 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। 5 अगस्त के बाद की परिस्थितियों पर एक व्यापक रिपोर्ट जारी करते हुए चैंबर ने कहा कि नुकसान का आकलन जम्मू और कश्मीर के सकल घरेलू उत्पाद (2017-18) के आधार पर किया गया है।

अध्ययन में कश्मीर घाटी के 10 जिलों को शामिल किया गया है। इसमें प्रदेश की कुल आबादी का 55 प्रतिशत शामिल है। गणना के लिए 120 दिनों का समय अवधि माना गया है। केसीसीआई ने कहा कि इस रिपोर्ट में किसानों को शामिल नहीं किया गया है।

अगस्त से अक्टूबर के बीच तीन साल में सबसे कम पर्यटक देखने को मिले। 2017 में 35 लाख पर्यटक घाटी में आए थे जबकि 2018 में 42 लाख लेकिन इस साल राज्य का दर्जा जाने के बाद 34 लाख पर्यटक ही पहुंचे।

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