अजित पवार के निधन के बाद एक साथ आएगी एनसीपी! जानें दोनों गुट के नेताओं ने क्या कहा?

पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से जुड़े नेताओं का दावा है कि एनसीपी के दोनों गुटों का विलय होने वाला था और इसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। हालांकि उनके अचानक निधन के कारण इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हो सकी।
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद अब उनकी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेतृत्व को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। यह सवाल उठने लगा है कि एनसीपी प्रमुख के निधन के बाद पार्टी की कमान परिवार के किसी सदस्य को सौंपी जाएगी या फिर एनसीपी और एनसीपी (शरद पवार गुट) का विलय होगा।
‘पार्टी का विलय करना चाहते थे दादा’
पवार परिवार के करीबी और विद्या प्रतिष्ठान के सदस्य किरण गुजर ने दावा किया है कि ‘दादा’ की अंतिम इच्छा एनसीपी के दोनों गुटों के एकीकरण की थी। उन्होंने कहा, “दादा चाहते थे कि पार्टी के सभी लोग एकजुट हों। इस विषय पर पूरे परिवार में चर्चा हुई थी। मेरी उनसे आखिरी फोन कॉल में उन्होंने मुझसे चुनाव से जुड़े कुछ दस्तावेज मंगवाए थे।’ झसे कहा था कि विलय की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में इसकी घोषणा होने वाली है।’
‘दोनों गुटों का विलय लगभग तय था’
एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता राजेश टोपे ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों का विलय लगभग तय हो चुका था, लेकिन अजित पवार के आकस्मिक निधन के कारण इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि आने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव दोनों गुट मिलकर लड़ेंगे।
विजय वडेट्टीवार बोले- ‘टोपे ने सच कहा’
राजेश टोपे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, ‘एनसीपी के दोनों गुटों के एक साथ आने को लेकर राजेश टोपे ने जो कहा, वह सही है। दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई थी और एकीकरण की बातचीत चल रही थी। लेकिन उसी दौरान अजित दादा की विमान दुर्घटना में मौत हो जाना एक गंभीर मामला है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।’
‘सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए’
अजित पवार के अस्थि विसर्जन में शामिल होने पहुंचे एनसीपी नेता उमेश पाटिल ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि दोनों गुट एकजुट हों। ‘सुनेत्रा पवार राजनीति से जुड़ी रही हैं और वर्षों से जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं। मुझे नहीं लगता कि उन्हें जिम्मेदारी संभालने में कोई परेशानी होगी। उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए।’
भाजपा ने साधी चुप्पी
एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय पर भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि अजित पवार का अचानक निधन न केवल उनकी पार्टी बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए बड़ी क्षति है। उपमुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह एनसीपी का आंतरिक मामला है। हालांकि, सुनेत्रा पवार के नाम पर विचार चल रहा है। वह केवल गृहिणी नहीं हैं, बल्कि वर्तमान में सांसद भी हैं। यदि उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो यह पार्टी का निर्णय होगा और अजीत पवार को सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी।
‘परिवार को शोक मनाने दीजिए’
विलय की अटकलों पर शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा, ‘यह अटकलों का समय नहीं है। हमने अभी-अभी अजीत दादा को खोया है। पार्टी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री किसे बनाना है, यह एनसीपी का फैसला है। राजनीति चलती रहेगी, लेकिन फिलहाल परिवार को शोक मनाने दीजिए।’





