अजब थे एडल्ट्री के कानून कही ऐसा तो कही वैसा, सुनकर रूह काप जाएगी..

सुप्रीम कोर्ट ने 150 साल पुराने एडल्टरी कानून को खारिज कर दिया है. देश के 150 साल पुराने एडल्टरी लॉ पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान में महिला और पुरुष दोनों को बराबरी का अधिकार दिया गया है.
प्राचीन समय में धर्मों और समाजों ने विवाह के परे शारीरिक संबंधों यानि एडल्टरी को लेकर अलग व्यवस्थाएं दी हुई थीं. मौजूदा दौर में एडल्टरी को धार्मिक कानूनों में अलग तरह से ट्रीट किया गया है. एडल्टरी का सीधा मतलब ये है कि जब कोई विवाहित पुरुष या महिला शादी के परे जाकर किसी अन्य पुरुष या महिला से शारीरिक संबंध बनाता तो ये एडल्टरी यानि व्यभिचार की श्रेणी में आता है.
यहूदियों में क्या थे बेवफाई पर कानून- प्राचीन समय में यहूदियों में पुरुषों की बेवफाई अपराध नहीं मानी जाती थी. अगर कोई महिला ऐसा करती थी तो उसे गुनहगार माना जाता था. प्राचीन यहूदीवाद में धार्मिक कानून कहते थे कि शादी के समय लड़की वर्जिन होगी और कभी भटकेगी नहीं जबकि पुरुषों पर दूसरे पुरुषों की बीवियों से अफेयर करना मना था. लेकिन धीरे धीरे ये नियम पुरुषों के लिए शिथिल होते गए. हालांकि नए कानूनों ने दोनों को समान धरातल पर ला दिया है. एडल्टरी के मामले में यहूदी दंपति आपसी सहमति से विवाह को खत्म कर सकते हैं. दोनों के लिए नैतिकता के पैमाने एक जैसे हैं.
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प्राचीन यूनान और रोम- प्राचीन यूनान और रोम में पुरुष अपनी सेक्स भूख और सेक्स अतिरेक के कारण जाने जाते थे. उन दिनों वहां विवाह संस्था कमजोर थी. एक पुरुष के कई उपपत्नियां और रखैलें होती थीं. मोटेतौर पर रोम उन दिनों बड़े व्यभिचारी समाज में तब्दील हो गया था. पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए एडल्टरी बहुत मुक्त और आम बात थी. यूनान और रोम में एक जमाने में व्यभिचार की बढ़ती घटनाओं ने अवैध संतानों की संख्या में बेतहाशा बढोतरी कर दी थी.
ईसाइयत का शुरुआती दौर- 11वीं सदी तक पुजारियों के लिए ब्रह्मचर्य अनिवार्य नहीं था. शुरुआती ईसाई धार्मिक नेताओं ने यहूदियों की सख्त सेक्शुअल संहिता को लागू किया. ब्रह्मचर्य को आदर्श मानना शुरू हुआ. व्यभिचार को पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए पाप कर्म माना जाने लगा.
मोरमोन बहुविवाह को मानते हैं- मौजूदा दौर में पश्चिमी देशों में धार्मिक तौर पर एडल्टरी को पापकर्म या गुनाह की तरह देखा जाता है. वैसे वहां बहुत से वर्ग हैं, जहां बहुविवाह प्रथा जारी है और कई पत्नियां रखी जाती हैं. ईसाइयों की ही एक मोरमोन कम्युनिटी है जहां एक व्यक्ति को कई बीवियां रखने या कई शादियां करने की अनुमति है. उनके अपने अलग चर्च हैं. अफ्रीका और हिमालय में कई ऐसे कबीले और वर्ग हैं, जहां महिलाएं कई पुरुष रखती हैं.
कुरान में सौ कोड़ों की सजा का प्रावधान- कुरान में एडल्टरी पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए गुनाह मानी गई है. जिसके लिए सौ कोड़े की सजा है. कुरान में स्पष्ट कहा गया है कि व्यभिचार के किसी भी दोषी की सजा सौ कोड़े है, चाहे वो विवाहित हो या अविवाहित, पुरुष हो या महिला.
बाइबल में कहा गया है कि अगर कोई व्यभिचार करता है तो उसकी सजा मौत होनी चाहिए चाहे वो पुरुष हो फिर महिला. “अगर कोई पुरुष अपने पड़ोसी की बीवी के साथ व्यभिचार करता है तो दोनों को पक्के तौर पर मौत की सजा दे देनी चाहिए” (लेविटकस 20:10, ड्यूटेरोमोनी 22:22). “तुम व्यभिचार नहीं करोगे” (एक्सोदस 20:14)





