अगर आपके रिलेशनशिप में भी नजर आ रहे हैं ऐसे 5 संकेत, तो समझ जाएं अकेले आप ही ढो रहे हैं रिश्ते का बोझ

रिश्ते की नींव हमेशा आपसी समझ और बराबरी पर टिकी होती है। लेकिन अक्सर कई रिश्तों में एक ऐसा मोड़ आता है, जहां एक पार्टनर दूसरे की तुलना में बहुत ज्यादा कोशिश, समय और इमोशन इंवेस्ट करने लगता है। इसे ‘इमोशनल इम्बैलेंस’ कहा जाता है, जो किसी भी रिश्ते के लिए अच्छा नहीं है (Relationship Tips)।
अगर आपको अक्सर यह महसूस होता है कि आप रिश्ते को बचाने या चलाने के लिए अकेले ही कोशिश कर रहे हैं, तो आपको यह आर्टिकल जरूर पढ़ना चाहिए। आइए जानें 5 ऐसे संकेत (Signs of Over Emotional Investment) के बारे में, जो बताते हैं कि अपने रिश्ते में आप अपने पार्टनर से ज्यादा इंवेस्टेड हैं।
हर प्लानिंग और पहल की जिम्मेदारी आपकी होती है
क्या आप ही वह व्यक्ति हैं जो हमेशा डेट नाइट प्लान करते हैं, छुट्टियों ऑर्गेनाइज करते हैं या यहां तक कि सामान्य बातचीत शुरू करते हैं? अगर आपका पार्टनर कभी भी अपनी तरफ से कोई पहल नहीं करता और केवल आपकी योजनाओं में ‘शामिल’ होता है, तो यह एक साफ संकेत है। जब सारा मेंटल और क्रिएटिव बोझ आप पर होता है, तो आप धीरे-धीरे इमोशनल रूप से खाली महसूस करने लगते हैं।
आप हमेशा उनकी जरूरतों को अपनी जरूरतों से ऊपर रखते हैं
एक स्वस्थ रिश्ते में समझौता दोनों तरफ से होता है। लेकिन अगर आप लगातार अपनी खुशियों, करियर के अवसरों या दोस्तों के साथ समय को केवल इसलिए छोड़ रहे हैं, ताकि आपका पार्टनर खुश रहे, तो आप हद से ज्यादा निवेश कर रहे हैं। अगर आपका पार्टनर आपकी जरूरतों के लिए छोटा-सा त्याग करने को भी तैयार नहीं है, तो रिश्ता एकतरफा हो चुका है।
झगड़ों को सुलझाने की जल्दबाजी सिर्फ आपको होती है
किसी भी बहस के बाद, क्या आप ही वह व्यक्ति हैं जो पहले माफी मांगते हैं या बात करने की कोशिश करते हैं? अगर आपका पार्टनर हफ्तों तक आपसे बिना बात किए रह सकता है और उन्हें इस बात की चिंता नहीं होती कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं, तो यह दिखाता है कि उन्हें रिश्ते के टूटने या आपके दुखी होने का उतना डर नहीं है जितना आपको है।
आप उन्हें बदलने की कोशिश करते हैं
अक्सर हम किसी व्यक्ति के पोटेंशियल से प्यार करने लगते हैं। अगर आप अपना सारा समय और एनर्जी उन्हें सुधारने, उन्हें बेहतर इंसान बनाने या उनके जीवन को व्यवस्थित करने में लगा रहे हैं, तो आप एक साथी नहीं बल्कि एक ‘प्रोजेक्ट मैनेजर’ की तरह काम कर रहे हैं। यह एक बहुत बड़ा इमोशनल इंवेस्टमेंट है जो अक्सर निराशा पर खत्म होता है।
आप हर छोटी बात के लिए खुद को दोषी मानते हैं
क्या आप इस डर में रहते हैं कि आपकी किसी एक बात से रिश्ता खत्म हो सकता है? अगर पार्टनर के खराब मूड या व्यवहार की जिम्मेदारी भी खुद पर ले लेते हैं, तो यह ओवर इमोशनल इंवेस्टमेंट का लक्षण है। आप रिश्ते को बनाए रखने के लिए अपनी शांति की बलि दे रहे हैं।





