बिहार पुलिस ने दो मुस्लिम यूवकों के जिस्म मे कील ठोकर मार डाला पर्दा फाश होने पर फ़रार

बिहार पुलिस ने दो मुस्लिम यूवकों के जिस्म मे कील ठोकर मार डाला पर्दा फाश होने पर फ़रार
हार के सीतमगढ पुलिस हत्या कांड मे संसनीखेज ख़ुलासा हुआ है जिसने देश को झकझोर कर रख दिया है
जहाँ पुलिस जनता की सुरक्षा करने के लिए होती हैं लेकिन एैसी दर्दनाक घटना जहाँ पुलिस कस्टडी मे दो बेगुनाहों की मोत हो जाए
तो सवाल उठना लाज़मी है ताज़ा मामला बिहार के सीतमगढ से सामने आया है जानकारी के अनूसार6मार्च को रामदीहा गाँव से बाइक चोरी
और अपने मकान मालिक की हत्या के आरोप मे गुफ़रान और तस्लीम को गिरफ़्तार किया था गुफ़रान के पिता ने मीडीया से बात करते हुए बताया
के हम जब सोय हुए थे तो स्थानीय चाकिया पुलिस स्टेशन से पुलिस की पाँच जीप आई और उन्होंने कहा कि वो एक मामले मे गुफ़रान से पूछताछ करना चाहते हैं
इस से पहले हम कुछ समझ पाते उस से पहले ही वह लोग गुफ़रान को ले गये और उसी के साथ गाँव के तस्लीम को भी गिरफ़्तार कर अपने साथ ले गए
लेकिन जब हम पुलिस स्टेशन पहुँचे तो गुफ़रान और तस्लीम वहाँ नही थे लेकिन दूसरे दिन हमे बताया गया के तस्लीम और गुफ़रान बीमार हैं और होस्पिटल मे हैं
लेकिन जब हम वहाँ पहुँचे तो हमे बताया गया के दोनों युवकों की मोत हो गई है
म्रतकों के परीवारों ने पुलिस पर दोनों को प्रताड़ित कर मोत के घाट उतारने का आरोप लगाया है
विरोध को देख एसपी ने पोस्टमार्टम टीम का गठन किया तो सच्चाई सामने आ गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनूसार युवकों को बेरहमी से प्रताड़ित किया गया
और मोत की वजह पुलिस द्वारा युवकों के जिस्म मे कील गाड़ना बताया गया जिसके बाद विरोध को देखकर
पुलिस प्रशासन ने आनन फ़ानन मे थाना अध्यक्ष समेत पाँच पुलिस कर्मीयों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज किया
लेकिन पाँचो पुलिस कर्मी फ़रार हैं जिनको गिरफ़्तार करने के SIT का गठन किया गया मामला उस समय सामने
आया जब युवकों के जिस्मों मे कील ठोकने के निशान दिखाई पड़े जहाँ इस रिपोर्ट को बीबी सी ने प्रकाशित किया
वहीं भारतिय मीडीया का घिनौना चेहरा एक बार फिर सामने आया है जहाँ पुलिस के हाथों मारे गए तिवारी पर पूरा
देश और देश का मीडीया पक्ष विपक्ष आँसू बहाते हैं वहीं दो मुस्लिम नौजवान जो बेक़ुसूर होने के बाद भी पुलिस
द्वारा हैवानियत का शिकार हो जाते हैं और सब ख़ामोश रहते हैं वहीं एक बार फिर सूशासन बाबू के शासन पर सवाल खड़े हो गए हैं
के साहेब ये कैसी पुलिस है जो बेगुनाहों की जान लेने मे ज़रा भी नही हिचकिचाती लेकिन अभी तक इस मामले पर विपक्ष की और से कोई प्रतिक्रिया नही आई है
वजह शायद ये मुसलमान हैं इस लिए

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