हरियाणा में अगले 48 घंटों में बदलेगा मौसम: जून में उमस के बाद अब राहत की बारी

प्रदेश में जून माह के दौरान औसत से 44 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। सामान्य रूप से जून में 54.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी जबकि इस बार केवल 30.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के 23 जिलों में से केवल दो जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई।

कमजोर प्री-मानसून गतिविधियों के कारण जून के आखिरी दिन भी प्रदेश में गर्मी और लू जैसे हालात बने रहे। लगातार तीसरे दिन तापमान में बढ़ोतरी और उमसभरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे में मौसम का मिजाज बदल सकता है और 2 से 4 जुलाई के बीच मानसून की सक्रियता बढ़ने से राहत मिलने के आसार हैं।

मंगलवार को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और गुरुग्राम जिलों में प्री-मानसून की बिखरी हुई गतिविधियां दर्ज की गईं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून के 2, 3 या 4 जुलाई तक पहुंचने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि सामान्यत: हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर में जून के अंतिम दिनों में मानसून पहुंच जाता है लेकिन इस वर्ष मानसून निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सका। मानसून में देरी और अपेक्षाकृत कमजोर प्री-मानसून गतिविधियों के कारण तापमान में बढ़ोतरी हुई है और कुछ स्थानों पर जून के अंतिम दिन तक हीट वेव जैसी स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में दिन और रात दोनों के तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किए जा रहे हैं। जुलाई की शुरुआत के साथ मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इसका असर सबसे पहले पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिलों में दिखाई देगा जिसके बाद अन्य जिलों में भी मानसून की गतिविधियां बढ़ेंगी।

डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 2 से 4 जुलाई के बीच मानसून की बारिश बढ़ते तापमान पर लगाम लगाएगी। पश्चिमी हवाओं के स्थान पर पूर्वी मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने से हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर के मौसम में बदलाव आएगा। अगले तीन से चार दिनों में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने तथा दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है।

प्रदेश में औसत से 44 प्रतिशत कम बारिश
प्रदेश में जून माह के दौरान औसत से 44 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। सामान्य रूप से जून में 54.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी जबकि इस बार केवल 30.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के 23 जिलों में से केवल दो जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। महेंद्रगढ़ में 58.2 मिमी के औसत के मुकाबले 62.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं भिवानी में 40.2 मिमी के औसत के मुकाबले 40.5 मिमी बारिश हुई जो सामान्य से एक प्रतिशत अधिक रही। हिसार जिले में औसत से 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।

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