स्टारलिंक के 20 उपग्रहों के साथ स्टारशिप ने भरी सफलता की उड़ान

दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्टारशिप ने शुक्रवार को 13वीं परीक्षण उड़ान भरी। इस उड़ान में स्टारशिप ने स्टारलिंक के 20 उपग्रहों को अंतरिक्ष में पहुंचाया। यह मिशन नासा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी स्टारशिप का इस्तेमाल अंतरिक्षयात्रियों को चंद्रमा पर ले जाने के लिए किया जाना है।
नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने एक्स पर पोस्ट किया, इस मिशन से जो कुछ सीखने को मिलेगा, उसे लेकर उत्साहित हूं। 407 फीट ऊंचे स्टारशिप, ने टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित स्पेसएक्स के परीक्षण केंद्र से उड़ान भरी। हालांकि बूस्टर की वापसी के दौरान सभी इंजन दोबारा चालू नहीं हो सके।
इसके कारण बूस्टर तेज गति से नीचे आया और मैक्सिको की खाड़ी में गिर गया। बूस्टर से अलग होने के बाद स्टारशिप पूर्व की ओर बढ़ता रहा और लगभग 200 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक-एक करके 20 स्टारलिंक उपग्रहों को अंतरिक्ष में छोड़ा। स्टारलिंक उपग्रह पहले से ही कक्षा में मौजूद स्टारलिंक मॉडल्स के साथ लेजर के जरिए जुड़ने करने में कामयाब रहे।
अभी 10 हजार से ज्यादा स्टारलिंक उपग्रह इंटरनेट सेवा दे रहे हैं। एक घंटे की उड़ान के बाद यह मिशन हिंद महासागर में स्टारशिप के अब तक का सबसे सुरक्षित स्प्लैशडाउन (पानी में उतरने) के साथ खत्म हुआ। मिशन में छह नए स्टारलिंक उपग्रहों पर कैमरे लगाए गए थे, जिन्होंने उड़ान के अंत में स्टारशिप की हीट शील्ड की तस्वीरें भेजीं।
समुद्र में तैरते हुए भी अंतरिक्षयान ने बेहद साफ तस्वीरें भेजीं। विज्ञानियों ने हीट शील्ड पर सेंसर भी लगाए थे ताकि पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश के दौरान उस पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव और तापमान का अध्ययन किया जा सके।
अरबपति उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स को पिछले सप्ताह इंजन में आई तकनीकी समस्या के कारण को आखिरी पल में रोकना पड़ा था। मई में हुई पिछली स्टारशिप उड़ान में भी इंजन में दिक्कत आई थी।





