‘स्कूल चलो अभियान-2026’ के दूसरे चरण का शुभारंभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सवा घंटे की देरी से सहारनपुर पहुंच गए हैं। सरसावा एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद वह कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। यहां वह राज्यव्यापी ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ के दूसरे चरण का करने के बाद संबोधन कर रहे हैं। इसके बाद विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर से राज्यव्यापी ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। सीएम योगी निर्धारित समय से करीब सवा घंटे की देरी से सहारनपुर पहुंचे। उनका विमान सरसावा एयरपोर्ट पर उतरा, जहां से वह सीधे कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए।
इस दौरान सीएम ने शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि अच्छी शिक्षा ही अच्छे नागरिक, शिक्षक, अधिकारी, चिकित्सक, इंजीनियर और जनप्रतिनिधि तैयार करती है। कार्यक्रम में मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी जिस भी क्षेत्र में आगे बढ़े, वह आत्मविश्वास के साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सके, इसी उद्देश्य से वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत की गई थी।
बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचे लोग
सुबह से हो रही बारिश के बावजूद जनता रोड स्थित महाराज सिंह डिग्री कॉलेज मैदान में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग जुटे रहे। मुख्यमंत्री का आगमन पहले सुबह 11:15 बजे प्रस्तावित था, लेकिन उनका कार्यक्रम सवा घंटा देरी से शुरू हुआ। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए।
हर बच्चे तक शिक्षा का लाभ पहुंचाना लक्ष्य: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के सकारात्मक परिणाम इसलिए सामने आए क्योंकि सरकार की नीयत साफ थी और शिक्षा के उन्नयन के लिए स्पष्ट नीति बनाई गई। बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ हर बच्चे तक पहुंचाने के संकल्प के साथ सरकार लगातार काम कर रही है।
सीएम बोले- 2017 में सिर्फ 36 प्रतिशत स्कूल ही थे संतृप्त
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में बेसिक शिक्षा परिषद के केवल 36 प्रतिशत विद्यालय ही आवश्यक सुविधाओं से पूरी तरह संतृप्त थे। अधिकांश स्कूलों में शौचालय, स्वच्छ पेयजल, फर्नीचर, पुस्तकालय, मिड-डे मील के लिए रसोईघर और चारदीवारी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था।
उन्होंने बताया कि सरकार ने स्थिति बदलने के लिए ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ शुरू किया। इसके तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और समाज के विभिन्न वर्गों के सहयोग से बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में व्यापक स्तर पर आधारभूत सुविधाएं विकसित की गईं।
हर स्कूल में तय किए गए सुविधा मानक
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्रत्येक विद्यालय के लिए स्पष्ट मानक तय किए गए। इनमें बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल, फर्नीचर, पुस्तकालय, मिड-डे मील की समुचित व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को मजबूत बना सके।
शिक्षा से वंचित बच्चा परिवार ही नहीं, राष्ट्र की भी क्षति
सीएम योगी ने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। यदि कोई बच्चा स्कूल नहीं जाता है तो यह केवल उसके परिवार की नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की भी क्षति है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी बनेंगे। इसलिए ऐसी पीढ़ी तैयार करनी होगी जो राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाए। उन्होंने इसे पूरे समाज का राष्ट्रीय दायित्व बताया।
‘स्कूल चलो अभियान’ को जनआंदोलन बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने सहारनपुर के जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, शिक्षकों, सांसदों, विधायकों और समाज के सभी वर्गों से ‘स्कूल चलो अभियान’ को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। साथ ही प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रवेश लेने वाले प्रत्येक बच्चे को समय पर यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल सुनिश्चित किया जाए।
हर स्कूल में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। हर विद्यालय में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी और शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद के माध्यम से एक लाख से अधिक दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए हैं ताकि वे मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़ सकें।
23 हजार दिव्यांग बालिकाओं को स्टाइपेंड, कौशल आधारित शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2025-26 में लगभग 23 हजार दिव्यांग बालिकाओं को स्टाइपेंड उपलब्ध कराया है। उन्होंने बताया कि ‘लर्निंग बाय डूइंग’ के माध्यम से प्रारंभिक स्तर पर ही बच्चों को कौशल आधारित शिक्षा दी जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति बच्चों की स्किलिंग और व्यावहारिक शिक्षा पर विशेष जोर देती है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और क्षमता का विकास हो रहा है।
शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों का बढ़ाया मानदेय, स्वास्थ्य सुरक्षा भी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सरकार ने शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये तथा अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया है। इसके साथ ही शिक्षा मित्रों, शिक्षकों, अनुदेशकों, रसोइयों और अन्य कर्मियों के लिए पांच लाख रुपये तक की वार्षिक स्वास्थ्य बीमा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
अगले 15 दिन हर घर पहुंचें, बच्चों का कराएं नामांकन
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों से अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर परिवार तक पहुंचें, ग्राम पंचायतों और वार्डों में बैठकें करें तथा अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के साथ स्नेहपूर्ण व्यवहार हो, उन्हें कविताओं, कहानियों, गतिविधियों और नई शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से पढ़ाया जाए, ताकि शिक्षा उनके जीवन का स्थायी हिस्सा बन सके। अंत में उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की।





