सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को जाल में फंसा रहे आतंकी संगठन

आईएस के जाल में फंसाने के लिए आतंकी संगठनों के मोटिवेटर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व विशेष प्रकार के ऐप का प्रयोग कर रहे हैं। पकड़े गए आतंकी हारिस से मिली जानकारी से पता चला है कि वह भी सोशल मीडिया के जरिये आतंकी संगठन के संपर्क में आया था। सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को जाल में फंसा रहे आतंकी संगठन

संगठनों के मोटिवेटर दुनिया में खिलाफत (इस्लामिक राज) कायम करने के लिए खून-खराबा करने से भी गुरेज नहीं करने के लिए कहते हैं। बकायदा युवाओं को प्रभावित करने के लिए साहित्य दिया जाता है। इसके अलावा विशेष तरह की वीडियो दिखाकर नौजवान लड़कों को फुसलाकर आतंकी गतिविधियों में शामिल कर लिया जाता है। 

मामले की छानबीन कर रहे दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईएस का मुख्य उद्देश्य पूरी दुनिया में खिलाफत कायम करना है। इसके लिए पूरी दुनिया में काम चल रहा है। भारत में भी आतंकी संगठन नौजवानों को विशेष तरह के मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। 

शनिवार को पुलिस की गिरफ्त में आया हारिस भी इसी तरह आतंकियों के जाल में फंसा। उसने खुलासा किया है कि आतंकी संगठन नौजवान लड़कों को अवलावी, अब्दुल आजाम और अनवर जैसे जिहादी साहित्य लिखने वालों की किताबें ऑनलाइन उपलब्ध कराते हैं। हारिस को भी इसी तरह जाल में फंसाया गया। 

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