सुविधा शुल्क न मिलने पर शाखा प्रबंधक ने निरस्त की पत्रावली, पीड़िता ने लगाया आरोप

 बैंक ऑफ बड़ौदा बरसण्डा का मामला
शुकुल बाजार, अमेठी । जहां एक ओर सरकार सबको बैंक की शाखाओं से ऋण मुहैया कराते हुए स्वरोजगार परक कार्यक्रम संचालित कर स्वावलंबी बनने की बात कर रही है वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा बरसंडा पर इसका असर नहीं पड़ रहा है और लोग इससे परेशान हैं इसका प्रत्यक्ष उदाहरण बरसंडा निवासिनी सना अली पत्नी मुशर्रफ अली के शिकायती पत्र से प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है, प्राप्त जानकारी के अनुसार सना अली पत्नी मुशर्रफ अली ने स्वरोजगार स्थापित करने के लिए खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में एक ऋण पत्रावली डेयरी उद्योग स्थापित करने के लिए दी थी जिसके तहत पत्रावली को संबंधित बैंक आफ बडौदा शाखा बरसंडा को प्रेषित कर ऋण स्वीकृत करने हेतु कहा गया परंतु कुछ दिनों तक आ वेदिका सना अली पत्नी मुशर्रफ अली को शाखा प्रबंधक द्वारा गुमराह करते हुए डेयरी स्थापना हेतु कुछ कार्य प्रारंभ करने हेतु कहा गया जिसमें आवेदिका द्वारा कुछ धन खर्च करते हुए कार्य कराया गया परंतु इसी बीच शाखा प्रबंधक द्वारा ऋण पत्रावली पर सना से कमीशन के तौर पर दस प्रतिशतता की रमांगी गई जिसको लेकर कुछ दिनों तक चर्चा होती रही परंतु जब सना ने कमीशन देने से मना किया तो उसकी पत्रावली शाखा प्रबंधक द्वारा आरोप लगाते हुए निरस्त कर दी गई इस संबंध में सना अली ने एक शिकायती पत्र देते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित बैंक के शीर्षस्थ अधिकारियों को शिकायती पत्र देते हुए शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा बरसंण्डा पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि कमीशन न देने के चक्कर में उनकी पत्रावली निरस्त की गई है ,सना अली ने अपने शिकायती पत्र पर बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा प्रबंधक सहित अन्य कर्मियों पर कमीशन मांगने का आरोप लगाया है जबकि शाखा प्रबंधक ने अपने निरस्तीकरण रिपोर्ट में यह लिखा है कि आवेदिका द्वारा बताए गए स्थान पर ट्रांसपोर्टेशन एवं उपयोगिता न सिद्ध होने के कारण उनकी पत्रावली निरस्त की गई है ,कारण कुछ भी हो परंतु सना का आवेदन पत्र निरस्त करना उस पर सवालिया निशान खड़ा करता है जब कोई व्यक्ति स्वरोजगार पर शाखा बसंण्डा पर इसका असर नहीं पड़ रहा है और लोग इस से परेशान है इसका प्रत्यक्ष सना अली पत्नी मुशर्रफ अली के शिकायत पत्र से प्रत्यक्ष रुप से देखा जा सकता है शिकायतकर्ता ने इस संबंध में प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री सहित बैंक के शीर्ष अधिकारियों को शिकायती पत्र प्रस्तुत करते हुए प्रार्थिनी के आवेदन पत्र एवं स्थलीय सत्यापन की बात करती है उन्होंने कहा कि इसकी जांच अवश्य होनी चाहिए इस संबंध में अग्रणी शाखा बैंक के प्रबंधक एके वर्मा ने कहा कि ‘शिकायतकर्ता का आरोप निराधार है और इस संबंध में उनके द्वारा जानकारी भी ली गई है मामला कुछ भी हो परंतु अभी भी सरकार की योजनाओं पर बहुत रोड़े आ रहे हैं जिससे लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मनोज कुमार त्रिपाठी की रिपोर्ट

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