सीबीएसई बच्चों की समझने की क्षमता का करेगा आंकलन

सीबीएसई आठ दिसंबर से बच्चों की समझने की दक्षता को परखने के लिए सफल मूल्यांकन परीक्षा आयोजित करेगा। इस परीक्षा का उद्देश्य छात्रों की अवधारणाओं को समझने की क्षमता और ज्ञान को सही तरीके से आंकना है

बच्चों में समझने की दक्षता कितनी बढ़ी है, इसके लिए सफल मूल्यांकन होगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) विषयवार परीक्षा का आयोजन 8 दिसंबर से करने जा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यह परीक्षा पेन-पेपर मोड में आयोजित होगी। सीबीएसई ने इसके लिए स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य बच्चों की दक्षता का आकलन करना है।

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत इस मूल्यांकन को अनिवार्य किया गया है। इस सफल मूल्यांकन की शुरुआत आठ दिसंबर से होगी। इसमें छठी से नौवीं कक्षा तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा। बोर्ड ने परीक्षा की गाइडलाइंस के साथ-साथ परीक्षा का शेड्यूल भी जारी किया है। आठ दिसंबर को ग्रेड नौ के बच्चों की विज्ञान की परीक्षा होगी।

नौ दिसंबर को भाषा और 10 को – गणित की परीक्षा होगी। छठी कक्षा के बच्चों के लिए 11 दिसंबर को पर्यावरण विज्ञान, 15 को भाषा, 16 को गणित की परीक्षा होगी। इसमें केवल यह देखा जाएगा कि बच्चों में रटने की बजाए समझने की प्रवृति कितनी बढ़ी है।

हिंदी और अंग्रेजी दोनों में होगी परीक्षा

बोर्ड की गाइडलाइंस के अनुसार परीक्षा का आयोजन हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम में होगा। बोर्ड की ओर से इस संबंध में स्कूलों को एक लिंक दिया गया है। इसके जरिये परीक्षा से एका दिन पहले ओएमआर शीट को डाउनलोड कर प्रिंट करना है। सीबीएसई ने स्कूलों को स्पष्ट किया है कि यह कोई प्रतियोगिता परीक्षा नहीं है, यह केवल योग्यता आधारित मूल्यांकन है। परीक्षा के बाद स्कूल बच्चों के रिजल्ट का स्वयं ही अवलोकन करेंगे।

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