सीएम योगी ने जारी किए निर्देश, कहा- डोर-टू-डोर जाकर बढ़ाए जाएं कोरोना टेस्ट

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करने के पश्चात एनेक्सी भवन में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कोरोना संक्रमण की रोकथाम, स्वच्छता एवं सैनेटाइजेशन और सड़कों के निर्माण संबंधी विषयो पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए लेवल-2 एवं लेवल-3 के बेडों की संख्या बढ़ाकर 1000 तक किया जाये। एचएमसी एवं वेन्टीलेटर एवं मानव संसाधन की व्यवस्था कर बेडों की संख्या बढ़ाई जाये। इन्टीग्रेडेट कन्ट्रोलरूम से होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड संक्रमित मरीजों की नियमित रूप से निगरानी की जाये और प्रतिदिन दो बार मरीज को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे जानकारी ली जाये।
उन्होंने कहा कि बीआरडी मेडिकल कालेज में 500 बेडेड चिकित्सालय में डेलिकेटेड कोविड का अस्पताल बनाया जाए। साथ ही 100 बेड टीबी अस्पताल में भी आक्सीजन एवं वेन्टीलेटर युक्त बेडों की संख्या बढ़ाई जाये। उन्होंने कहा कि मण्डलायुक्त एवं अपर निदेशक स्वास्थ्य मण्डल के अन्य जनपदों में लेवल-2 के चिकित्सालय की स्थापना सुनिश्चित करायें।
उन्होंने कहा कि एन्टीजन किट के माध्यम से प्रतिदिन 2500 जांच करायी जाये तथा डोर टू डोर सर्वे कराकर अधिक से अधिक लोगों की जांच सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या मिल रही है, वहां पर कन्टेनमेंट जोन बनाकर घर घर जांच करायी जाये तथा अधिक से अधिक कान्टेक्ट टेस्टिंग भी सुनिश्चित की जाये।
उन्होंने मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया एवं वाराणसी से बाघागाढ़ा तथा गोरखपुर से देवरिया फोरलेन सड़क निर्माण की समीक्षा करते हुए मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया के कार्य की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अतिशीघ्र कार्य पूर्ण किया जाये, अन्यथा संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।
बैठक में मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, महानिदेशक मेडिकल हेल्थ, अपर निदेशक स्वास्थ्य, प्रधानाचार्य बीआरडी मेडिकल कालेज, एडिशनल मुख्य चिकित्साधिकारी, नगर आयुक्त उपस्थित रहे।





